Edited By Jyoti M, Updated: 21 Jan, 2026 12:48 PM

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। अब शिमला की वादियों को निहारने के लिए आपको केवल सड़कों के घुमावदार रास्तों पर निर्भर नहीं रहना होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को संजौली हेलीपोर्ट का विधिवत...
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। अब शिमला की वादियों को निहारने के लिए आपको केवल सड़कों के घुमावदार रास्तों पर निर्भर नहीं रहना होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को संजौली हेलीपोर्ट का विधिवत उद्घाटन कर हवाई सेवाओं का बिगुल फूंक दिया है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अब यहाँ से नियमित उड़ानों का सिलसिला शुरू हो गया है।
आसमान से जुड़ेंगे पहाड़: प्रमुख रूट्स और एयरलाइंस
संजौली हेलीपोर्ट से अब दो दिग्गज कंपनियां अपनी सेवाएं देंगी। यह पहल न केवल समय की बचत करेगी बल्कि दुर्गम इलाकों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत बनाएगी:
हेरिटेज एविएशन: यह कंपनी शिमला को रिकांगपिओ (किन्नौर) और भुंतर (कुल्लू) से जोड़ेगी। रिकांगपिओ के लिए रोजाना एक उड़ान संचालित होगी, जबकि कुल्लू के लिए दिन में दो फेरे लगाए जाएंगे।
पवन हंस लिमिटेड: यह कंपनी शिमला-चंडीगढ़ रूट की कमान संभालेगी। वर्तमान शेड्यूल के अनुसार, यह सेवा सप्ताह में तीन दिन (सोमवार, शुक्रवार और शनिवार) उपलब्ध रहेगी।
आम आदमी की पहुंच में हवाई सफर (किराया सूची)
'उड़ान' (UDAN) योजना के अंतर्गत शुरू की गई इन सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को किफायती बनाना है। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के संचालन खर्च का 80% हिस्सा उठा रही है, जबकि शेष 20% राज्य सरकार वहन करेगी।
| रूट |
फ्रीक्वेंसी |
संभावित किराया (प्रति व्यक्ति) |
| शिमला से भुंतर |
दिन में 2 बार |
₹3,500 |
| शिमला से रिकांगपिओ |
रोजाना 1 बार |
₹4,000 |
| शिमला से चंडीगढ़ |
सप्ताह में 3 दिन |
(कंपनी द्वारा जल्द घोषित होगा) |
पर्यटन और विकास को मिलेगी नई ऊंचाई
राज्य पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया के अनुसार, संजौली हेलीपोर्ट का चालू होना हिमाचल के धार्मिक और साहसिक पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सैलानी अब ट्रैफिक की चिंता किए बिना कुछ ही मिनटों में एक जिले से दूसरे जिले पहुंच सकेंगे। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि जल्द ही मंडी और चंडीगढ़ के बीच भी हेली-टैक्सी शुरू की जाएगी और मांग बढ़ने पर उड़ानों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा।