90 दिन में निपटेंगे लंबित विकास कार्य, CM सुक्खू ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

Edited By Swati Sharma, Updated: 31 Jan, 2026 05:34 PM

himachal cm sukhvinder sukhu is angry with the officials

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को विभिन्न विभागों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने योजनाओं को समय...

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को विभिन्न विभागों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने योजनाओं को समय पर पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई और सभी लंबित विकास कार्यों को अगले 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

'योजनाएं स्वीकृत, फिर भी काम में देरी'

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए गांवों का समग्र विकास राज्य के सतत और समावेशी विकास के लिए आवश्यक है। समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि कई योजनाओं में धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद परियोजनाओं की शुरुआत में अनावश्यक देरी हुई और कार्यों की गति बेहद धीमी रही। इनमें पिछड़ा क्षेत्र उप-योजना, एमपीएलएडी, विधायक क्षेत्र विकास निधि, लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना तथा अन्य विधायक-वित्तपोषित योजनाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाएं शामिल हैं।

'छोटे लेकिन आवश्यक कार्य लंबे समय से लंबित'

मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि कई छोटे लेकिन अत्यंत आवश्यक विकास कार्य अब भी लंबित हैं। इनमें हैंडपंपों की स्थापना, पैदल रास्तों, नालियों, सामुदायिक भवनों, रिटेनिंग वॉल, फुट ब्रिज, सिंचाई नहरों, चारदीवारी और गांव की सड़कों के निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि  ये कार्य सीधे ग्रामीण जनता की जरूरतों से जुड़े होते हैं और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 204 करोड़ रुपये की लागत के 11,064 विकास कार्य अब तक शुरू ही नहीं किए गए, जबकि 348 करोड़ रुपये की लागत के 16,834 कार्य लंबे समय से निर्माणाधीन हैं। उन्होंने बताया कि सघन निगरानी और सख्त निर्देशों के परिणामस्वरूप अक्तूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच 18,262 विकास कार्य और छोटी योजनाएं पूरी की गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक लाभ पहुंचा है।

'रियल-टाइम डैशबोर्ड से हो रही निगरानी'

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास कार्यों की निगरानी उच्च स्तर पर ‘रियल-टाइम डैशबोर्ड’ के माध्यम से की जा रही है। फील्ड अधिकारियों को दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, खंड विकास कार्यालयों और पंचायतों सहित सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत लेकिन रुके हुए अथवा धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
 

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