Edited By Swati Sharma, Updated: 12 Feb, 2026 02:04 PM

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को उन्हें निशाना बनाने के बजाय राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संपर्क करना चाहिए।...
Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को उन्हें निशाना बनाने के बजाय राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संपर्क करना चाहिए। सुक्खू ने कहा, "मैंने इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करने की कई बार अपील की है, लेकिन मुझे पता है कि वे (भाजपा नेता) ऐसा कभी नहीं करेंगे।"
जानें CM सुक्खू ने क्या कहा
सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त करने से राज्य को 2026 से 2031 के बीच सालाना लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करने की बार-बार अपील की गयी लेकिन सहयोग करने को लेकर भाजपा नेताओं की मंशा पर उन्हें संदेह बना हुआ है। सुक्खू ने कहा, "भाजपा नेताओं को मुझे निशाना बनाने के बजाय राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री से संपर्क करना चाहिए। मैंने भाजपा नेताओं से आगे आने की कई बार अपील की है, लेकिन मुझे पता है कि वे ऐसा कभी नहीं करेंगे।" सुक्खू ने दिल्ली में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से हुई मुलाकात का विवरण साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पर राज्य का दृष्टिकोण और हिमाचल प्रदेश पर इसके संभावित प्रभाव से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने चिदंबरम के साथ पिछली भाजपा सरकार से विरासत में मिली वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा की, जिसमें 75,000 करोड़ रुपये का ऋण भार और वेतन एवं पेंशन के बकाया के रूप में 10,000 करोड़ रुपये की देनदारियां शामिल हैं। सुक्खू ने इस बात पर जोर दिया कि इन चुनौतियों के बावजूद, राज्य सरकार के कड़े भ्रष्टाचार-रोधी उपायों और व्यवस्थागत सुधारों से पिछले तीन वर्षों में 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुआ है और विभिन्न आर्थिक सुधार किए गये हैं।