Edited By Jyoti M, Updated: 01 Jan, 2026 02:58 PM

वन विभाग ने भालुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को लाहल में सांकेतिक चक्का जाम करने के बाद तुरंत हरकत में आए वन विभाग ने एक पिंजरा खलेली गांव में स्थापित कर दिया है।
भरमौर, (उत्तम): वन विभाग ने भालुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने शुरू कर दिए हैं। लाहल में सांकेतिक चक्का जाम करने के बाद तुरंत हरकत में आए वन विभाग ने एक पिंजरा खलेली गांव में स्थापित कर दिया है। विभाग की एक टीम वन परिक्षेत्र अधिकारी जितेंद्र सिंह की अगुवाई में गरीमा से लेकर वाहलो, लमनौता, डंडारड़ा, दापोता, खनी, खलेली होते हुए पैट्रोल पंप लहाल तक रैकी करते हुए पहुंची। उन्होंने भालुओं के क्षेत्र में आने-जाने के कुछ प्रमाण भी देखे।
गत दिवस वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों के रोष को शांत करते हुए आश्वासन दिया था कि जंगली भालुओं की घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे, जिसके चलते पिंजरे स्थापित किए जाने का कार्य फिलहाल शुरू कर दिया गया। विभाग द्वारा जंगली जानवरों को रिहायशी क्षेत्रों से खदेड़ने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने के लिए भी लोगों से आग्रह किया, पटाखे फोड़कर, शोर मचाकर तथा आग आदि जलाकर उन्हें रिहायशी क्षेत्रों से खदेड़ा जा सकता है।
उधर, आक्रोशित खणी व ग्रीमा पंचायतों के लोगों का कहना है कि भालू को पिंजरे में कैद करना असंभव कार्य है। यह तो विभाग ने मात्र एक औपचारिकता निभाई है। यह तो निश्चित नहीं है कि भालू उसी स्थान पर आएगा जिस स्थान पर विभाग ने यह पिंजरा स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इन भालुओं को पकड़ना आसान कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि देखते हैं कि विभाग का यह प्रयास सफल होता है या नहीं।