सेवानिवृत्ति लाभ रोके जाने पर HC सख्त, 9 फीसदी ब्याज सहित राशि अदा करने के आदेश

Edited By Vijay, Updated: 11 Apr, 2021 12:08 AM

highcourt in shimla

प्रदेश हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभ रोके जाने को गैर-कानूनी ठहराते हुए वन विभाग को आदेश दिए कि वह प्रार्थी सतनाम को 30 दिनों के भीतर बकाया सेवानिवृत्ति लाभ 9 फीसदी ब्याज सहित अदा करें। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ...

शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभ रोके जाने को गैर-कानूनी ठहराते हुए वन विभाग को आदेश दिए कि वह प्रार्थी सतनाम को 30 दिनों के भीतर बकाया सेवानिवृत्ति लाभ 9 फीसदी ब्याज सहित अदा करें। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने दोषी कर्मचारियों का पता लगाने व उनसे ब्याज राशि वसूलने की कार्यवाही भी 6 माह के भीतर पूरी करने के आदेश दिए। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता 30 अक्तूबर, 2017 को बतौर रेंज ऑफिसर नैना देवी जी फोरैस्ट रेंज से सेवानिवृत्त हुआ था।

रिटायरमैंट के समय प्रार्थी के खिलाफ  कोई भी विभागीय अथवा आपराधिक मामला लंबित नहीं था फिर भी विभाग ने यह कहते हुए उसके सेवानिवृत्ति लाभ रोक दिए कि उसके खिलाफ  सेवानिवृत्ति के बाद विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जानी है। विभागीय कार्यवाही का आधार प्रार्थी के कार्यकाल के दौरान नैना देवी जी फोरैस्ट रेंज में 4500 से अधिक खैर के पेड़ों का अवैध कटान होना बताया गया। कोर्ट ने कहा कि सेवा नियमों के तहत वन विभाग के पास रिटायरमैंट के पश्चात किसी कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने की कोई अथॉरिटी नहीं है। इसलिए प्रार्थी के रिटायरमैंट लाभ रोकना गैर-कानूनी है।

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