Edited By Vijay, Updated: 10 Apr, 2026 06:42 PM

हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच हुई ओलावृष्टि, भारी बारिश और बेमौसम बर्फबारी ने बागवानी क्षेत्र को भारी नुक्सान पहुंचाया है। प्रदेश के 6 जिलों में 20.78 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है तथा 9 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं...
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच हुई ओलावृष्टि, भारी बारिश और बेमौसम बर्फबारी ने बागवानी क्षेत्र को भारी नुक्सान पहुंचाया है। प्रदेश के 6 जिलों में 20.78 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है तथा 9 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं, हालांकि अभी भी फलों की फसलों का व्यापक क्षति का आकलन किया गया है। बागवानी विभाग को फील्ड स्टाफ ने अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को सौंपी। रिपोर्ट से अब तक आए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 6 जिलों शिमला, मंडी, सोलन, कांगड़ा, हमीरपुर व कुल्लू में कुल 9175 किसानों पर इस आपदा का असर पड़ा है, जिनमें 6,888 सीमांत, 1842 छोटे और 455 अन्य श्रेणी के किसान शामिल हैं। कुल 4,808.95 हैक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें प्रभावित हुई हैं।
सबसे ज्यादा नुक्सान सेब की फसल को हुआ है, खासकर शिमला जिले में। प्रदेशभर में 8,451 फलदार पेड़ आंशिक रूप से नष्ट हुए हैं, जिसमें जिला में शिमला में 5451 व कुल्लू में 3 हजार फलदार पेड़ आंशिक रूप से नष्ट हुए हैं, इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। इसके अलावा मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन जिलों में भी पलम, एप्रिकॉट, नाशपाती, आम, लीची और अन्य फलों को नुक्सान हुआ है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक नुक्सान जिला शिमला में हुआ है। यहां पर 18.85 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है। इसी तरह जिला मंडी में 38.16 लाख, सोलन में 0.36 लाख, कांगड़ा में 21.88 लाख, हमीरपुर में 12.98 लाख तथा जिला कुल्लू में 1.20 करोड़ रुपए के नुक्सान का अनुमान है।
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