Edited By Swati Sharma, Updated: 19 Mar, 2026 12:44 PM

हिमाचल डेस्क : हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की लपियाणा रेंज के अंतर्गत टल्ला विट क्षेत्र में स्थित कलोथर माता मंदिर के समीपवर्ती जंगल में एक साथ पांच अजगर दिखाई देने से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि 15 मार्च को एक साथ पांच विशालकाय...
हिमाचल डेस्क : हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की लपियाणा रेंज के अंतर्गत टल्ला विट क्षेत्र में स्थित कलोथर माता मंदिर के समीपवर्ती जंगल में एक साथ पांच अजगर दिखाई देने से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि 15 मार्च को एक साथ पांच विशालकाय अजगरों को देखा गया। वहीं, अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में क्या है?
वायरल वीडियो में पांच अजगर एक-दूसरे से लिपटे हुए नजर आ रहे हैं। यह दृश्य देख स्थानीय लोग सहम गए और कुछ लोग डर के मारे उन पर पत्थर फेंकते भी दिखाई दिए। कांगड़ा के निचले इलाकों में अजगर दिखना सामान्य बात है, लेकिन एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में इनका दिखना दुर्लभ माना जा रहा है।
जानें DFO ने क्या कहा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मशाला के डीएफओ (DFO) अमित शर्मा ने स्पष्ट किया कि अजगर (पायथन) वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत शेड्यूल-1 में शामिल हैं। इन्हें मारना या किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाना एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि पायथन विषहीन होते हैं और इंसानों के लिए खतरा नहीं बनते, हालांकि ये छोटे जानवरों और बकरियों का शिकार जरूर करते हैं। डीएफओ ने जानकारी दी कि हिमाचल में ग्रीन पिट वाइपर और कोबरा जैसे जहरीले सांप जरूर पाए जाते हैं, लेकिन पायथन और रैट स्नेक जैसे जीव विषहीन होते हैं। ये छोटे जानवरों का शिकार कर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
जनता से अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उन पर पत्थर न फेंकें और न ही उन्हें नुकसान पहुंचाएं। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन्यजीवों को सुरक्षा देना हर नागरिक का कर्तव्य है और कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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