Edited By Jyoti M, Updated: 26 Nov, 2025 03:24 PM

बी.एस.एल. जलाशय हर सर्द मौसम में विदेशी मेहमान परिंदों की चहचहाहट से गुलजार रहता है, लेकिन इस बार हालात बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जलाशय में पंडोह डैम से पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण आए ये प्रवासी परिंदे महज 15 दिन में ही वापस...
सुंदरनगर, (सोढी): बी.एस.एल. जलाशय हर सर्द मौसम में विदेशी मेहमान परिंदों की चहचहाहट से गुलजार रहता है, लेकिन इस बार हालात बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जलाशय में पंडोह डैम से पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण आए ये प्रवासी परिंदे महज 15 दिन में ही वापस लौटने लगे हैं।
आम तौर पर तिब्बत और साइबेरिया से आने वाले ये परिंदे अक्तूबर के अंत या नवम्बर को पहले सप्ताह में यहां पहुंचते हैं और मार्च-अप्रैल तक रुक कर अपने मूल स्थान लौटते हैं लेकिन इस बार जलस्तर में कमी और बदलती जल परिस्थितियों के चलते परिंदों ने समय से पहले ही अपना बसेरा छोड़ना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बी.एस.एल. जलाशय का दृश्य अब वैसा नहीं रहा जैसा हर साल देखा जाता था।
उमेश गौतम, पर्यावरणविद् एवं अध्यक्ष, प्रोग्रेसिव डिवैल्पमैंट फोरम का कहना है कि सुंदरनगर जलाशय के जलस्तर में कमी और पर्यावरणीय परिस्थितियों में बदलाव का असर प्रवासी पक्षियों के व्यवहार पर देखने को मिला है। जलाशय का जलस्तर घटने से हर तरफ सिल्ट दिख रही है, जिसके कारण प्रवासी पक्षियों को जल विहार करने के लिए आवश्यक स्थान नहीं मिल पा रहा है। इस कारण वे दूसरी जगह पलायन को मजबूर हो रहे हैं। आने वाले दिनों में जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर परिंदे लौटते हैं या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण रहेगा।