Edited By Swati Sharma, Updated: 01 Feb, 2026 06:24 PM

Himachal Politics: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ...
Himachal Politics: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ अन्याय किया गया है तथा पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
'केंद्र सरकार का यह रवैया संघीय ढांचे की भावना के विपरीत'
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह रवैया संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है, जिसका सीधा और गंभीर असर राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय स्थिरता पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से लगभग 38 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ था, लेकिन अब इस महत्वपूर्ण सहायता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। जबकि राज्य को यह उम्मीद थी कि उसकी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इस अनुदान में वृद्धि की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने केंद्र से बजट प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों को दिए जाने वाले विशेष अनुदानों को समाप्त करना न केवल राज्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा, बल्कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और वित्तीय संतुलन के समक्ष भी गंभीर चुनौतियां खड़ी करेगा। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बजट प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को उसके संवैधानिक अधिकारों और वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायसंगत बजटीय सहयोग दिया जाना चाहिए।