Edited By Kuldeep, Updated: 12 Jan, 2026 09:54 PM

हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के चयन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए समावेशन और बहिष्करण के मानदंडों को उदार बना दिया है।
डाडासीबा (सुनील): हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के चयन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए समावेशन और बहिष्करण के मानदंडों को उदार बना दिया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के उन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर होने के बावजूद केवल पक्का मकान होने के कारण अब तक बीपीएल सूची में शामिल होने से वंचित रह गए थे। सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार बीपीएल सर्वेक्षण के द्वितीय एवं तृतीय चरण की चयन प्रक्रिया के लिए नियमों को सरल किया गया है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। नए संशोधनों के अंतर्गत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे परिवार जो विभाग द्वारा निर्धारित अनिवार्य पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें अब मात्र पक्का मकान होने के आधार पर सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।
द्वितीय चरण की चयन प्रक्रिया के लिए इन परिवारों को पक्का मकान होने संबंधी शर्त से विशेष छूट प्रदान की गई है और संबंधित खंड स्तरीय समितियों को निर्देशित किया गया है कि वे आगामी 15 जनवरी तक ऐसे परिवारों की पंचायत-वार सूचियां प्रकाशित करें। सरकार के इस कदम का उद्देश्य उन परिवारों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है, जिनके पास सिर छिपाने की छत तो है लेकिन उनकी आय के स्रोत अत्यंत सीमित हैं। इसी कड़ी में सर्वेक्षण के तृतीय चरण के लिए पात्रता के दायरे को और अधिक विस्तृत किया गया है। अब ऐसे परिवार जिनमें 27 वर्ष तक की आयु के अनाथ बच्चे हों अथवा ऐसे घर जहां केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग निवास करते हों और घर में कोई भी कार्यक्षम वयस्क सदस्य न हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बीपीएल सूची में स्थान मिलेगा। इसके अतिरिक्त महिला प्रधान परिवारों जिनमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिलाएं शामिल हैं और घर में कोई भी सक्षम पुरुष सदस्य नहीं है, उन्हें भी पक्का मकान होने की शर्त से मुक्त रखते हुए पात्रता श्रेणी में शामिल किया गया है।
हालांकि इन श्रेणियों के लिए अन्य प्रतिबंध जैसे सरकारी नौकरी अथवा अन्य उच्च आय के स्रोत संबंधी नियम पूर्व की भांति प्रभावी रहेंगे। विभाग ने चयन प्रक्रिया की समय-सीमा भी निर्धारित कर दी है, जिसके तहत तृतीय चरण के लिए नए आवेदन 25 जनवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। प्रथम चरण के दौरान प्राप्त हुए आवेदनों पर भी इन नए नियमों के आधार पर पुनर्विचार किया जाएगा। खंड स्तरीय समितियों द्वारा तृतीय चरण की अंतिम सूचियों का प्रकाशन 31 जनवरी तक कर दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी पालरासु द्वारा जारी इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रथम चरण में पूर्ण हो चुकी चयन प्रक्रिया और सूचियां यथावत रहेंगी, जबकि आगामी चरणों के लिए सत्यापन और अपील की शेष प्रक्रिया पूर्व निर्धारित अधिसूचनाओं के अनुरूप ही संचालित की जाएगी। नई अधिसूचना की प्रतियां समस्त जिला उपायुक्तों, जिला विकास अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारियों को प्रेषित की गईं हैं। खंड विकास अधिकारी प्रागपुर अशोक कुमार ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी पालरासु द्वारा जारी की नई अधिसूचना की पुष्टि करते हुए बताया कि अब पक्का मकान होने पर भी निर्धन परिवारों को बीपीएल श्रेणी का लाभ मिल सकेगा।