Kangra: करुणामूलक नौकरियों के मुद्दे पर गरमाया सदन, सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झाेंक

Edited By Vijay, Updated: 02 Dec, 2025 06:39 PM

compassionate employment

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में करुणामूलक नौकरियों के सवाल पर मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोक-झोंक हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर इस मामले पर कई बार आमने-सामने हुए।

तपोवन (धमर्शाला) (जिनेश): हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में करुणामूलक नौकरियों के सवाल पर मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोक-झोंक हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर इस मामले पर कई बार आमने-सामने हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल में करुणामूलक वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। अब सदन में राजनीति की जा रही है। प्रदेश सरकार ने आय सीमा को अढ़ाई लाख से बढ़ाकर 3 लाख किया है। इस आधार पर दिसम्बर तक मिलने वाले प्रस्तावों को नौकरियां देने में प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने लंबित मामलों पर विचार करने की बात कही है। वहीं इस पर नेता विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का बयान गलत है। पूर्व सरकार के समय में करुणामूलक आधार पर सबसे अधिक नौकरियां दी गईं। 

सरकार ने रिजैक्ट कर दिए 2554 केस : दीपराज
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक दीपराज ने मामला उठाते हुए कहा कि आय सीमा अढ़ाई लाख होने के चलते करुणामूलक नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले 2554 केस सरकार ने रिजैक्ट कर दिए हैं। अब आय सीमा 3 लाख हो गई है तो इन मामलों पर भी विचार होना चाहिए। विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में करुणामूलक आधार पर नौकरियां नहीं दी जा रही हैं। वहीं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि जो केस रिजैक्ट हुए हैं, उन पर पहले विचार होना चाहिए। 

पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल में करुणामूलक वर्ग के लिए कुछ नहीं किया : मुख्यमंत्री
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व और वर्तमान सरकार के समय में कितनी नौकरियां दी गईं, इसका रिकॉर्ड भी मुख्यमंत्री को सदन में रखना चाहिए। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारियां विस्तृत हैं। ऐसे में एकत्र करने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना एकत्र करने की व्यवस्था पूर्व सरकार के समय से चल रही है। हम व्यवस्था बदलकर अगले सत्र तक जवाब दे देंगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व के सत्र में यह सवाल लगा था, तब भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ही एकत्र हो रही थी, बताया था और अब भी जवाब नहीं आया।

वित्तीय स्थिति सुधरने पर मिलेगा होमगार्ड को एरियर 
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2016 से 2021 के बीच रिटायर हुए होमगार्ड को उनके वेतन और पैंशन का एरियर प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक होने पर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भुगतान वित्तीय परिस्थितियों पर निर्भर होगा। विधायक सुधीर शर्मा, रणवीर सिंह निक्का और मलेंद्र राजन के संयुक्त सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने पर काम कर रही है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!