Edited By Vijay, Updated: 30 Nov, 2025 06:20 PM

हिमाचल प्रदेश में 'राधे-राधे' और 'नमस्ते' को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी मानसिकता को सनातन विरोधी करार दिया है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में 'राधे-राधे' और 'नमस्ते' को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी मानसिकता को सनातन विरोधी करार दिया है। विवाद की वजह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो है, जो कांगड़ा विधानसभा सत्र के बाद का बताया जा रहा है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कुछ दिन पूर्व कांगड़ा में विधानसभा सत्र के उपरांत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सक्खू का बच्चों से संवाद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब बच्चों ने उन्हें राधे-राधे कहा तो मुख्यमंत्री ने यह कहकर आपत्ति जताई कि नमस्ते क्यों नहीं कहते। यह टिप्पणी केवल एक शब्द पर आपत्ति नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री की सनातन विरोधी मानसिकता को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।
हिंदू विरोधी घटनाओं में पीड़ित हिंदुओं पर ही दर्ज की एफआईआर
संदीपनी भारद्वाज ने रविवार को शिमला से जारी बयान में कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री स्वयं यह बयान दे चुके हैं कि वे हिमाचल प्रदेश जैसे 97 प्रतिशत हिंदू बहुल राज्य में सनातन को हराकर सत्ता में आए हैं। यह बयान ही उनकी सोच और नीयत को उजागर करने के लिए पर्याप्त है। अब बच्चों के राधे-राधे कहने पर आपत्ति जताना उसकी मानसिकता की अगली कड़ी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि मुख्यमंत्री की यह सोच केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर प्रशासनिक कार्यवाही में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पांवटा साहिब, संजौली और ऊना जैसी जगहों पर जब हिंदू विरोधी घटनाएं होती हैं तो एफआईआर पीड़ित हिंदुओं पर ही दर्ज कर दी जाती है, जबकि लव जिहाद, जबरन नमाज पढ़वाने और अन्य हिंदू विरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। यह दोहरा मापदंड साफ दर्शाता है कि सरकार किस दिशा में काम कर रही है।
आस्था को राजस्व का साधन बना रही सरकार
संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सनातन आस्था पर सीधा आर्थिक प्रहार भी किया है। चिंतपूर्णी माता में हवन के लिए 100 रुपए का शुल्क, चूड़धार में महादेव के दर्शन के लिए पहले से अधिक बढ़ाकर 200 रुपए का टैक्स और मणिमहेश यात्रा पर भी शुल्क, यह सब श्रद्धालुओं की आस्था को शर्मनाक तरीके से टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास है। जहां एक ओर सरकार को श्रद्धालुओं को सुविधाएं देनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर वह आस्था को राजस्व का साधन बना रही है।
संघर्ष करती रहेगी भाजपा
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सनातन संस्कृति, आस्था और हिंदू समाज के सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी और मुख्यमंत्री के इस सनातन विरोधी रवैये को जनता के सामने उजागर करती रहेगी।