Solan: नाॅस्टर-डीएस खांसी की दवा की जांच जारी, रिपोर्ट में अब तक नहीं मिला दोष

Edited By Kuldeep, Updated: 05 Oct, 2025 11:05 PM

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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हाल ही में बच्चों की हुई मौतों के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन मौतों के पीछे खांसी की एक दवा नाॅस्टर-डी.एस. का नाम सामने आया था, जिसका निर्माण हिमाचल प्रदेश में किया गया था।

मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के मामले पर प्रदेश दवा नियंत्रक की कार्रवाई
बीबीएन (ठाकुर):
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हाल ही में बच्चों की हुई मौतों के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन मौतों के पीछे खांसी की एक दवा नाॅस्टर-डी.एस. का नाम सामने आया था, जिसका निर्माण हिमाचल प्रदेश में किया गया था। इस गंभीर घटना पर हिमाचल प्रदेश के राज्य औषधि नियंत्रक डा. मनीष कपूर ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह मामला अत्यंत चिंताजनक है और इस पर राज्य औषधि प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है।

डा. कपूर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया गया था कि संबंधित खांसी की दवा में इथिलीन ग्लाइकॉल और डाईइथिलीन ग्लाइकॉल जैसे हानिकारक रासायनिक तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो बच्चों में तीव्र गुर्दा विफलता का कारण बनते हैं और कई मामलों में यह घातक भी साबित होते हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसी किसी भी संभावित घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के सहयोग से संबंधित निर्माण इकाई पर जोखिम-आधारित निरीक्षण शुरू किया है। साथ ही राज्य के अन्य फार्मास्यूटिकल निर्माण स्थलों पर भी संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

डा. कपूर ने कहा, “संबंधित दवा निर्माता कंपनियों ने जांच पूरी होने तक स्वेच्छा से दवा की सप्लाई रोक दी है और संदिग्ध दवा की रिकॉल प्रक्रिया (वापसी) भी आरंभ कर दी है। यह कदम जनहित में उठाया गया है, ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”

उन्होंने आगे बताया कि मध्य प्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा की गई प्रयोगशाला जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में खांसी की दवा नास्टर-डीएस को बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार नहीं पाया गया है। हालांकि, जांच अभी जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

राज्य औषधि नियंत्रक ने यह भी कहा कि इस मामले से जुड़ी अगली विस्तृत रिपोर्ट सोमवार 6 अक्तूबर 2025 को जारी की जाएगी, जब तक कि सभी नियामक एजैंसियों से समन्वित जानकारी प्राप्त नहीं हो जाती। हिमाचल प्रदेश राज्य औषधि नियंत्रक डा. मनीष कपूर का कहना है कि उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

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