"इंसाफ नहीं मिला तो खुद करूंगा न्याय", छोटे भाई की संदिग्ध मौत पर भड़का फौजी जवान, दी ये चेतावनी

Edited By Swati Sharma, Updated: 24 Feb, 2026 11:43 AM

army jawan lashes out at police over younger brother s suspicious death

Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब गंभीर रूप ले लिया है। बरौर पंचायत के चमीणु गांव में सड़क किनारे मिले युवक के शव के मामले में परिजनों ने इसे महज एक दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है।...

Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब गंभीर रूप ले लिया है। बरौर पंचायत के चमीणु गांव में सड़क किनारे मिले युवक के शव के मामले में परिजनों ने इसे महज एक दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या है। सोमवार को मृतक के फौजी भाई ने सेना की वर्दी में ही मुख्य चौक पर धरना देकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।

सड़क विवाद बना मौत का कारण?

पीड़ित परिवार का दावा है कि मृतक को गांव में चल रहे एक सड़क निर्माण कार्य को लेकर लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं। फौजी भाई अनिल कुमार के अनुसार, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के कारण कुछ लोग सड़क निर्माण में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में 14 जनवरी 2026 को पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस अधिकारी ने मामले को टाल दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई की होती, तो शायद यह अनहोनी टाली जा सकती थी।

फौजी भाई ने दी चेतावनी, डेढ़ घंटे रहा चक्का जाम

सोमवार को चंबा मुख्यालय के मुख्य चौक पर स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब मृतक के भाई अनिल कुमार, जो सेना में कार्यरत हैं, वर्दी पहनकर धरने पर बैठ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हो गए, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फौजी भाई ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में CBI जांच की मांग उठाई है।

पुलिस का आश्वासन, जांच पर सबकी नजर

प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका। परिजनों का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से इस सड़क विवाद के समाधान के लिए प्रशासन के चक्कर काट रहे थे। फिलहाल, स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपियों पर कब तक कार्रवाई होती है।

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