जबरन धर्मांतरण पर होगी 10 साल की जेल, विधानसभा में ध्वनिमत से विधेयक पारित

Edited By Vijay, Updated: 13 Aug, 2022 08:49 PM

anti conversion laws amendment bill pass in assembly

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मौजूदा धर्मांतरण रोधी कानून में संशोधन के लिए विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। मौजूदा कानून में सजा बढ़ाने का और ‘सामूहिक धर्मांतरण’ के उल्लेख का प्रावधान है।

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मौजूदा धर्मांतरण रोधी कानून में संशोधन के लिए विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। मौजूदा कानून में सजा बढ़ाने का और ‘सामूहिक धर्मांतरण’ के उल्लेख का प्रावधान है। अधिनियम धोखाधड़ी, बल, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन, शादी या किसी भी कपटपूर्ण तरीके से धर्मांतरण को प्रतिबंधित करता है। हिमाचल प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक, 2022 में और अधिक कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। अब 5 साल की जगह 10 साल सजा का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मांतरण बड़ी समस्या है। इससे आने वाले समय में हिंदुओ की संख्या कम हो जाएगी। इसमें अब ये भी प्रावधान किया गया है कि जो धर्मांतरण करेगा उसको सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेगी, साथ ही गैर-जमानती धाराओं का प्रावधान है। नए संशोधन विधेयक में बलपूर्वक धर्मांतरण के लिए कारावास की सजा को 7 साल से बढ़ाकर अधिकतम 10 साल तक करने का प्रस्ताव है। विधेयक में प्रावधान प्रस्तावित है कि कानून के तहत की गई शिकायतों की जांच उपनिरीक्षक से नीचे के दर्जे का कोई पुलिस अधिकारी नहीं करेगा। इस मामले में मुकद्दमा सत्र अदालत में चलेगा। बता दें बीते कल उक्त विधेयक ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा सदन में पेश किया था। 

हिमाचल की खबरें Twitter पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here
अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here

Related Story

Trending Topics

India

178/10

18.3

South Africa

227/3

20.0

South Africa win by 49 runs

RR 9.73
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!