Edited By Kuldeep, Updated: 04 Jan, 2026 07:09 PM

डूहकी (नैहरी) स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित महा शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन रविवार को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कुलदीप कुमार शास्त्री ने शिवलिंग पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला।
अम्ब (अश्विनी): डूहकी (नैहरी) स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित महा शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन रविवार को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कुलदीप कुमार शास्त्री ने शिवलिंग पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिवलिंग न केवल भगवान शिव का प्रतीक है, बल्कि यह सृष्टि के निर्माण, पालन और संहार का द्योतक भी है। शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पंडित शास्त्री ने रुद्राक्ष की महिमा का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष भगवान शिव के अश्रुओं से उत्पन्न हुआ माना जाता है और इसकाे धारण करने से भक्त को आध्यात्मिक शक्ति, रोगों से मुक्ति और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को विधि-विधान से रुद्राक्ष धारण करने तथा शिव भक्ति को अपने जीवन का अंग बनाने का संदेश दिया। कथा विश्राम से पहले विधिवत रूप से आरती के बाद भक्तजनों को प्रसाद वितरित किया गया।