Edited By Jyoti M, Updated: 04 Jan, 2026 09:04 AM

एक छोटे से गैस रिसाव ने कैसे एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में धुएं में बदल दिया, इसकी बानगी विकास खंड की पंचायत घोड़न में देखने को मिली।
हिमाचल डेस्क। एक छोटे से गैस रिसाव ने कैसे एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में धुएं में बदल दिया, इसकी बानगी विकास खंड की पंचायत घोड़न में देखने को मिली। यहाँ एक रिहायशी मकान में अचानक भड़की भीषण आग ने न केवल घर की दीवारें काली कर दीं, बल्कि एक परिवार के सपनों और गृहस्थी के सामान को भी राख के ढेर में तब्दील कर दिया।
ऐसे शुरू हुआ बचाव अभियान
हादसे की भयावहता को देखते हुए पंचायत के उपप्रधान राजेंद्र सोनू ने बिना वक्त गंवाए इन्दौरा स्थित अग्निशमन केंद्र को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल सक्रिय हुआ और चौकी प्रभारी दयाल ठाकुर की अगुवाई में फायरमैन गौतम लाल, प्रमोद कुमार व अजय कुमार की टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए काफी संघर्ष के बाद लपटों पर नियंत्रण पाया।
नुकसान का मंजर: क्या-क्या स्वाहा हुआ?
प्रशासनिक जांच और शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, इस अग्निकांड की मुख्य वजह रसोई गैस सिलिंडर से गैस का रिसाव होना पाया गया है। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर में रखा कीमती सामान इसकी भेंट चढ़ गया। जलकर नष्ट हुई वस्तुओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: फ्रिज और टेलीविजन।
फर्नीचर: बेड और सोफा सेट।
दैनिक जरूरतें: घर में रखा सारा राशन और पहनने के कपड़े।
टल गया बड़ा खतरा
गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी के कारण आग को अन्य कमरों या पड़ोस के घरों तक फैलने से पहले ही रोक लिया गया। हालांकि, इस घटना में परिवार को लगभग डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक चोट पहुंची है। इस हादसे ने एक बार फिर गैस उपकरणों के रखरखाव को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है।