BBN में 21 फार्मा कंपनियों ने किया बड़ा GST फर्जीवाड़ा, राज्य को लगाया करोड़ों रुपए का चूना

Edited By Vijay, Updated: 01 Feb, 2020 11:03 PM

21 pharma companies did big gst fraud

राज्य कर एवं आबकारी की दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणु की टीम ने जीएसटी के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला पकड़ा है। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 21 फार्मा कंपनियों ने फर्जी बिल पर जीएसटी की चोरी कर राज्य को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है।

सोलन (नरेश पाल): राज्य कर एवं आबकारी की दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणु की टीम ने जीएसटी के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला पकड़ा है। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 21 फार्मा कंपनियों ने फर्जी बिल पर जीएसटी की चोरी कर राज्य को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है। राज्य कर एवं आबकारी की दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणु ने इन सभी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर टैक्स रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कंपनियों ने फर्जी बिल पर ही करोड़ों रुपए के माल की खरीद कर दी और जीएसटी क्रैडिट कर दिया।

विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि जिस फर्म के बिलों पर यह खरीद हुई है, उस फर्म के पास कोई माल ही नहीं था। हैरानी की बात यह है कि इन कंपनियों को बिना माल खरीदे ही करोड़ों रुपए के फर्जी बिल मिल गए जबकि जीएसटी के नियमों के मुताबिक माल की बिक्री व खरीद पर ही बिल जारी किया जाता है लेकिन इन मामलों में नियमों को ठेंगा दिखाकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है। विभाग की मानें तो इस प्रकार की शिकायतें कई और फार्मा कंपनियों की मिली हैं। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी। यही नहीं, परवाणु की टीम ने फार्मा कंपनियों के पिछले दिनों पकड़े जीएसटी के मामले में 4 कंपनियों से 82 लाख रुपए टैक्स की वसूली की है जबकि 5 अन्य कंपनियों ने जल्द ही इस राशि को जमा करने की सहमति दी है।

विदित रहे कि कुछ दिन पूर्व राज्य कर एवं आबकारी विभाग की दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र की परवाणु टीम ने बरोटीवाला की एक फार्मा कंपनी की 10 करोड़ रुपए अधिक की कर चोरी का मामला पकड़ा था। विभाग की टीम ने कंपनी में छापेमारी कर मौके से 4.50 करोड़ रुपए के फर्जी बिल जब्त किए। कंपनी ने आवक आपूर्ति के ये फर्जी बिल बनाए हैं। जीएसटी की रिबेट का लाभ उठाने के लिए कंपनी ने यह फर्जीवाड़ा कर प्रदेश के राजस्व को लाखों रुपए का चूना लगाया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग की टीम को सूचना मिली कि बरोटीवाला में एक फार्मा उद्योग एक ट्रेडिंग कंपनी के साथ मिलकर जीएसटी की चोरी कर रहे हैं। फिर क्या था, विभाग की टीम ने कंपनी में दबिश दी और मौके से 4.5 करोड़ रुपए के फर्जी बिल बरामद किए।

जांच में टीम ने ट्रेडिंग कंपनी का भी पता लगा लिया जो इन बिलों को जारी कर रही थी। हैरानी तब हुई जब इस कंपनी का मालिक कंपनी में 15 हजार रुपए का वेतन ले रहा एक छोटा सा कर्मचारी निकला। एक अन्य मामले में विभाग की टीम ने नालागढ़ के तहत दतोवाल में स्थित एक दवा उद्योग में जीएसटी के 3 से 4 करोड़ रुपए के फर्जी बिल का मामला पकड़ा था। विभाग की इस छापेमारी में उद्योग में करीब 60 लाख रुपए की नकदी भी बरामद हुई, जिसे आयकर विभाग की टीम ने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। 

राज्य कर एवं आबकारी विभाग दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणु के संयुक्त आयुक्त यूएस राणा ने बताया कि फर्जी बिल पर जीएसटी का फर्जीवाड़ा करने के मामले में 21 फार्मा कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन कंपनियों ने ऐसी फर्म के खरीद बिल बनाए हंै, जिस फर्म के पास बेचने के लिए माल ही नहीं है। इन कंपनियों के अलावा 4 कंपनियों से टैक्स चोरी की 82 लाख रुपए की रिकवरी की गई है जबकि 5 अन्य कंपनियां जल्द ही रिकवरी का भुगतान करेंगी। राज्य कर एवं आबकारी विभाग की दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणु की टीम ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!