आपदा के समय में सबसे पहले वैक्सीनेशन टारगेट पूरा किया : अनुराग ठाकुर

Edited By prashant sharma, Updated: 05 Dec, 2021 04:17 PM

vaccination target was first accomplished in times of disaster anurag thakur

यह मेरा लोक सभा क्षेत्र है। जेपी नड्डा जब पहले यहां आए तब 80 फीसदी लोगों का टीकाकरण का पूरा हुआ था। सभी का सहयोग नहीं मिलता तो छोटे से प्रदेश के लिए इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना संभव नहीं था। आपदा के समय में सबसे पहले वैक्सीनेशन टारगेट पूरा किया गया।

बिलासपुर : यह मेरा लोक सभा क्षेत्र है। जेपी नड्डा जब पहले यहां आए तब 80 फीसदी लोगों का टीकाकरण का पूरा हुआ था। सभी का सहयोग नहीं मिलता तो छोटे से प्रदेश के लिए इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना संभव नहीं था। आपदा के समय में सबसे पहले वैक्सीनेशन टारगेट पूरा किया गया। यह बात आज केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कोठीपुरा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी का शुभारंभ अवसर पर संबोधन के दौरान कही। एम्स की ओपीडी के शुभारंभ अवसर के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और सांसद जगत प्रकाश नड्डा विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने कार्यक्रम में प्रदेश में कोविड टीकाकरण में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि अगले वर्ष जून तक एम्स पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एम्स का शुभारंभ किया जाएगा, इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के बावजूद भी एम्स का निर्माण कार्य जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी न होते तो क्या सोच सकते थे कि दिल्ली के बाहर भी कोई एम्स बनेगा। यह प्रधानमंत्री की ही सोच है कि आज देश में 22 एम्स बन रहे हैं। दिल्ली में 1960 में िएम्स बना था और उसी समय चंडीगढ़ में पीजीआई का निर्माण हुआ था। तब किसी ने नहीं था कि ऐसा संस्थान प्रदेश में भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज तक कभी कोई केंद्रीय मंत्री बिलासपुर में नहीं आया था। आज एम्स की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री आए हैं। 2014 से पहले हिमाचल को इतना बड़ा प्रतिनिधित्व नहीं मिला। पीएम मोदी के नेतृत्व के कारण यह सब हो पाया है। उन्होंने आज हम 100 करोड़, 500 करोड़ की बात करते हैं क्योंकि यह सब नेता के नीति निर्धारक बन गए हैं। वहीं एक समय जब मैं विधायक हुआ करता था तो 40 लाख बोलने में दिक्त आती थी। एक्सईएन से पूछना पड़ता था कि इतना फंड आ जाएगा। उन्होंने कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर कहा कि जब महामारी आई तो यूरोप तक तय नहीं कर पाया कि लॉकडाउन लगाए या नहीं। पीएम मोदी ने समय पर कड़ा फैसला लिया। जान भी है जहान भी है। सबको बचाने का प्रयास किया। चिकन पॉक्स वैक्सीन यूएसए में 1995, भारत में 2005 में आया। टीबी की बीसीजी वैक्सीन 1921 में आई, भारत में 1978 में यह इंजेक्शन में लगा। किसने कहा 1978 तक इंतजार करो। पोलियो ड्राप्स 1955 में और भारत में 1985 में आई। यह भी तब हुआ जब दिल्ली में हर्षवर्धन स्वास्थ्य मंत्री बने। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि पूरे विश्व में जब कोविड संकट चल रहा था तब भारत ने 150 देशों को दवाइयां उपलब्ध करवाईं। कोविड संकट के दौरान नौ महीने में दुनिया के साथ देश में वैक्सीन की रिसर्च हुई। जब देश में वैक्सीन की रिचर्स की जा रही थी तब पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद कंपनियों में जाकर वैक्सीन बनाने के लिए उनकी जरूरतों के बारे में पूछा। देश में बनी वैक्सीन को आज विदेशों में निर्यात किया जा रहा है। 127 करोड़ लोगों को देशभर में कोविड का टीका लगाया जा चुका है। कोविड टीकाकरण में हिमाचल ने कमाल कर दिखाया है। जनता और सरकार ने बेहतर तालमेल स्थापित किया। छोटा राज्य है लेकिन कमाल का काम करता है। 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने छोटा राज्य होने के बावजूद बड़ा लक्ष्य हासिल किया है। इस लक्ष्य को प्रापत कराने के लिए प्रदेश की जनता, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सभी भरूपर सहयोग रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी बधाई के पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल की विपरीत परिस्थितियों में भी विपक्ष ने राजनीति की। लोगों को वैक्सीन के प्रति गुमराह किया। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की वैक्सीन हम नहीं लगवाएंगे लेकिन आज वही लोग मास्क पहनकर आते हैं और पहली डोज लगवाने के बाद दूसरी डोज का पूछते हैं कि कब लगेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बड़ा भंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि डीसी के साथ डॉक्टर, हेल्थ वर्कर की टीम वहां भेजी गई। गांव के 150 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। मलाणा गांव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां देवता की अनुमति के बिना कुछ नहीं हो सकता। 2000 से ज्यादा लोग उस गांव में रहते हैं। 

डीसी कुल्लू को कहा डॉक्टर हेल्थ वर्कर की टीम  को लेकर मलाणा जाएं। देवता के कारदारों के साथ बातचीत की गई। देवता से बात हुई और जमदग्नि ऋषि ने वैक्सीन लगाने की अनुमति दी। शिमला का दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार जहां पहुंचना बहुत मुश्किल था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मैं डोडरा क्वार गया तो डॉक्टरों की टीम के साथ 2500 वैक्सीन भी ले गए। यहां भी एक-एक घर जाकर वैक्सीन लगाई। दुर्गम जिला किन्नौर ने दूसरी डोज में पहला स्थान हासिल किया।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि देवभूमि हिमाचल ने पात्र नागरिकों को कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का लक्ष्य प्राप्त करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यूपीए सरकार ने जो एम्स बनाने शुरू किए थे उन्हें मोदी सरकार पूरा कर रही है। आजादी के बाद जितने एम्स बने उससे ज्यादा मोदी सरकार ने बनवाए हैं। ठाकुर ने कहा कि आपदा नहीं आती तो एम्स का काम अब तक पूरा हो जाता। अगले छह महीने में एम्स में हर सुविधा मिलेगी। अब हिमाचल के मरीज एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ नहीं जाएंगे। यहां बता दें कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज में भी हिमाचल प्रदेश 100 फीसदी लक्ष्य हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब तक 53.86 लाख पात्र लोगों को दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं जबकि 53.77 लाख का लक्ष्य था।

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