Edited By Kuldeep, Updated: 14 Apr, 2026 10:24 PM

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पार्टी, मंत्रिमंडल के सहयोगियों में चल रही मैं-मैं तू-तू और अधिकारियों के बीच जूतों में बंट रही दाल की चिंता करें।
ऊना (सुरेन्द्र): भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पार्टी, मंत्रिमंडल के सहयोगियों में चल रही मैं-मैं तू-तू और अधिकारियों के बीच जूतों में बंट रही दाल की चिंता करें। भाजपा की आंतरिक स्थिति पार्टी खुद देख लेगी। विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, राम कुमार, जिला भाजपा अध्यक्ष शाम मिन्हास सहित अन्य नेताओं की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यदि सीएम को लगता है कि भाजपा बंटी हुई है तो अभी चुनाव करवा लें, ताकि असलियत सामने आ जाए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की चर्चा करने वाले सीएम प्रदेश की आंतरिक खराब व्यवस्था पर ध्यान दें। पूरे प्रदेश में जिस तरीके से जघन्य हत्याकांड हो रहे हैं, फिरौतियां मांगी जा रही हैं, व्यापारियों को धमकाया जा रहा, बद्दी-बरोटीवाला में कबाड़ माफिया के बीच जंग चल रही है, अधिकारियों को खनन माफिया डरा रहा है, उसकी चर्चा पूरे राज्य में हर मंच पर हो रही है।
पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि सरकाघाट में जिस तरीके से हिमाचल की बेटी की जघन्य हत्या की गई वह बेहद ही स्तब्ध करने वाली घटना है। इस राज्य में कैसे नशा बिक रहा है और नशेड़ी किस प्रकार के कांड कर रहे हैं, यह इसका उदाहरण है। इस घटना ने देवभूमि को पूरे देश में शर्मसार किया है। बिंदल ने कहा कि हिमाचल में न नशा माफिया पर लगाम लग पाई है और न ही आपराधिक तत्वों की धरपकड़ हो पाई है। चम्बा में एक व्यक्ति के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। एसडीएम पर खनन माफिया का हमला हुआ। एक अधिकारी को घसीटा तक गया। हिमाचल में गैंगवार आम हो चुका है। पूरे राज्य में तबादला, खनन, वन और शराब माफिया का दबदबा हो चुका है।
सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्रियों के बीच में रस्साकशी चल रही है। शीर्ष स्तर पर अधिकारी बुरी तरह से लड़ रहे हैं। हिमाचल के इतिहास में अधिकारियों के बीच इस प्रकार की लड़ाई कभी देखी नहीं गई। उन्होंने कहा कि ऊना का बल्क ड्रग पार्क प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देन रहा है। कांग्रेस सरकार ने तो इसे साढ़े 3 वर्ष तक लटकाया है, जो कार्य पहले वर्ष हो जाना चाहिए था वह अब किया जा रहा है।
मोदी ने करोड़ों रुपए की सौगात हिमाचल को दी है। इससे पहले जब धूमल सरकार थी तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हिमाचल को औद्योगिक पैकेज दिया था। कांग्रेस की सरकार ने बाद में इसकी समय सीमा को कम कर दिया था। हिमाचल में औद्योगिक विकास तभी हुआ जब भाजपा की सरकारें आईं।