मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के पहले दिन बुलाई मंत्रिमंडल बैठक

Edited By Kuldeep, Updated: 12 Feb, 2024 06:15 PM

shimla budget session first day cabinet meeting

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा बजट सत्र के पहले ही दिन 14 फरवरी को मंत्रिमंडल बैठक बुलाई है। यानी राज्यपाल अभिभाषण के अलावा कार्यसूची में शामिल अन्य विषयों को शामिल करने के बाद जैसे ही पहले दिन की कार्यवाही समाप्त होती है, उसके उपरांत...

शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा बजट सत्र के पहले ही दिन 14 फरवरी को मंत्रिमंडल बैठक बुलाई है। यानी राज्यपाल अभिभाषण के अलावा कार्यसूची में शामिल अन्य विषयों को शामिल करने के बाद जैसे ही पहले दिन की कार्यवाही समाप्त होती है, उसके उपरांत प्रदेश सचिवालय के शिखर सम्मेेलन हाल में अपराह्न 4 बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक होगी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री जिनके पास वित्त विभाग भी है, 17 फरवरी को लगातार अपना दूसरा बजट प्रस्तुत करेंगे। बैठक में विधानसभा में लाए जाने वाले संशोधनों को मंजूरी दी जा सकती है। इससे पहले मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। साथ ही विधानसभा में प्रस्तुत की जाने वाली अनुपूरक अनुदान मांगों (अनुपूरक बजट) को भी पहले ही मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में मंत्रिमंडल की 14 फरवरी को होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री के बजट प्रारूप पर प्रमुखता से चर्चा की संभावना है। मुख्यमंत्री की तरफ से प्रस्तुत किए जाने वाला बजट ही सरकार के आगामी वर्ष का रोडमैप तय करेगा। बजट से आम आदमी के अलावा प्रदेश के कर्मचारी एवं पैंशनर्ज उम्मीद लगाए बैठे हैं।

उनको उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपने बजट अभिभाषण में संशोधित वेतनमान का एरियर एवं डी.ए. की बकाया राशि देने के बारे में घोषणा करेंगे। इस समय वित्त एवं योजना विभाग मुख्यमंत्री के निर्देश पर बजट प्रारूप को अंतिम रूप दे रहा है। इसको लेकर सरकार की तरफ से सुझाव भी मांगे गए हैं। इनमें से अब तक 129 सुझाव ऑनलाइन मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त आम आदमी एवं हितधारकों ने लिखित में भी अपने सुझाव भेजे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका दूसरा बजट हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दूसरी बड़ी पहल होगी। उन्होंने अपने पहले बजट में प्रदेश को 31 मार्च, 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने का संकल्प लिया था। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से एच.आर.टी.सी. बसों एवं सरकारी वाहनों को इलैक्ट्रिक वाहनों में तबदील किया जा रहा है। दूसरे बजट में भी इस दिशा में सरकारी स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।

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