Edited By Vijay, Updated: 19 Feb, 2022 01:14 AM

माता के मंदिरों में प्रतिदिन करोड़ों लोग सिर झुकाते हैं। ऐसे देश में बलात्कार की घटनाएं बहुत बड़ा कलंक हैं। जिस देश में नारी का सम्मान किया जाता है, नारी की पूजा की जाती है, वहां छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार जैसी घटनाएं देश के माथे पर बहुत...
पालमपुर (भृगु): माता के मंदिरों में प्रतिदिन करोड़ों लोग सिर झुकाते हैं। ऐसे देश में बलात्कार की घटनाएं बहुत बड़ा कलंक हैं। जिस देश में नारी का सम्मान किया जाता है, नारी की पूजा की जाती है, वहां छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार जैसी घटनाएं देश के माथे पर बहुत बड़ा कलंक है। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने केंद्र सरकार से बलात्कार के मामलों में कानून में बदलाव लाकर मृत्युदंड का प्रावधान करने का आग्रह किया है, वहीं ऐसे मामलों में विशेष अदालतों का गठन कर 6 माह में मामले निपटाने की मांग की है। शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश के सोलन जिले की अदालत ने बलात्कार के मामले में ऐतिहासिक फैसला दिया है। इससे पूरे देश की आंखें खुल गई हैं।
बकौल शांता कुमार भारत के इतिहास में बलात्कार की घटनाओं का वर्णन नहीं है। अपराध होते थे परंतु नारी के सम्मान में कोई कमी नहीं थी। एक बार द्रोपदी की केवल साड़ी खींचने पर महाभारत युद्ध हुआ था। दुर्भाग्य से आज प्रतिदिन एक नहीं, अनेक बच्चियों को बलात्कार द्वारा अपमानित किया जाता है। जिस बेटी का बलात्कार होता है, वह पूरा जीवन मर-मर कर जीती है। यह अपराध शरीर को ही नहीं, आत्मा को भी झकझोर देता है। शांता कुमार ने कहा कि दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था, जिस पर पूरा देश सड़कों पर आ गया था और सरकार हिल गई थी। सरकार द्वारा वर्मा कमेटी बनाई गई थी। कानून में संशोधन हुआ परंतु बलात्कार की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई। उस समय कानून संशोधन के उपरांत एक ही अंतर पड़ा है कि अब बलात्कार के बाद हत्याएं भी हो रही हैं, ऐसे में सरकार बलात्कार के लिए मृत्युदंड का प्रावधान करे।
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