Edited By Vijay, Updated: 14 Jan, 2026 01:34 PM

ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रतीक तत्तापानी लोहड़ी-मकर संक्रांति मेले के दूसरे दिन मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर मेला समिति की ओर से भव्य कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
करसोग (धर्मवीर गाैतम): ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रतीक तत्तापानी लोहड़ी-मकर संक्रांति मेले के दूसरे दिन मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर मेला समिति की ओर से भव्य कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इस धार्मिक अनुष्ठान में एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने मुख्य यजमान के रूप में शिरकत की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत रूप से 21 कन्याओं का पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानकर नमन किया। एसडीएम ने सभी कन्याओं के पैर पखारे और उन्हें प्रसाद व भेंट स्वरूप उपहार प्रदान कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
नारी शक्ति के सम्मान का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम गौरव महाजन ने कहा कि कन्या पूजन हमारी सनातन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है। यह परंपरा न केवल नारी शक्ति के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक मूल्यों को भी स्थापित करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
सामाजिक समरसता का प्रतीक है मेला
एसडीएम ने तत्तापानी मेले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी एक सशक्त माध्यम है। यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मेला समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।