Kangra: बल्लाह महिला ब्लाइंड मर्डर केस में 2 और लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट व पॉलीग्राफिक टैस्ट

Edited By Kuldeep, Updated: 07 Dec, 2025 06:55 PM

palampur woman blind murder

अभी तक पुलिस के लिए पहेली बने बल्लाह में महिला के ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने 2 और लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट व पॉलीग्राफिक टैस्ट करवाए हैं।

पालमपुर (भृगु): अभी तक पुलिस के लिए पहेली बने बल्लाह में महिला के ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने 2 और लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट व पॉलीग्राफिक टैस्ट करवाए हैं। ऐसे में पुलिस अब तक कुल 7 लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट व पॉलीग्राफिक टैस्ट करवा चुकी है। इन 2 लोगों के टैस्ट करवाने से पहले पुलिस ने 5 लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट व पॉलीग्राफिक टैस्ट करवाए थे। यद्यपि इन मामलों में पुलिस के हाथ कुछ ठोस नहीं लग पाया था। ऐसे में अब 2 और के साइंटिफिक टैस्ट पुलिस ने करवाए हैं। चूंकि अभी रिपोर्ट आने में समय लगेगा। विदित रहे कि 9 अप्रैल 2024 को भवारना पुलिस थाना के अंतर्गत बल्लाह में महिला का ब्लाइंड मर्डर हुआ था। यह केस पुलिस के लिए एक चुनौती बन चुका है। ऐसे में गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस अब कुछ संदिग्धों के लाई डिटैक्टर टैस्ट करवाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस हेतु न्यायालय से अनुमति मांगी गई थी। इस प्रकरण को लेकर पुलिस अब तक दर्जनों लोगों की डीएनए जांच करवा चुकी है।

ह्यूमन हिंट नहीं मिल पाया
इस मामले की जांच में जुटी पुलिस को काेई ह्यूमन हिंट नहीं मिल पाया। ऐसे में टैक्नीकल सर्विलांस द्वारा पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। इस कड़ी में जब पुलिस को कुछ लीड मिल रही है तो पुलिस उसके आधार पर लोगों से पूछताछ कर रही है। इसी पूछताछ के दौरान यदि पुलिस को कुछ बातें विरोधाभासी लग रही हैं तो उनके साइंटिफिक टैस्ट करवाए जा रहे हैं। लाई डिटैक्टर टैस्ट करवाने के लिए पहले संदिग्धों से लिखित स्वीकृति ली गई, जिसे न्यायालय के समक्ष रखा गया। लाई डिटैक्टर टैस्ट के अतिरिक्त ब्रेन मैपिंग की प्रक्रिया भी की जा सकती है। वहीं आवश्यकता पड़ने पर नार्को टैस्ट भी पुलिस करवा सकती है। विदित रहे कि कोई संदिग्धों के संबंध में ठोस साक्ष्य न साक्ष्य न मिलने पर पुलिस द्वारा साइंटिफिक टैस्ट करवा कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में लाई डिटैक्टर, ब्रेन मैपिंग व नार्को टैस्ट इसी प्रक्रिया के अंतर्गत करवाए जा रहे हैं।

बिना लीड विभिन्न थ्योरियों को आधार बना रही पुलिस
पुलिस के समक्ष सबसे बड़ी परेशानी इस बात को लेकर है कि उक्त क्षेत्र जहां हत्याकांड हुआ, वहां से पुलिस को किसी भी तरह की इनपुट लोगों से नहीं मिल पा रही है, जिसके आधार पर कोई लीड पुलिस को मिल सके। ऐसे में पुलिस बिना किसी लीड के विभिन्न थ्योरियों को आधार बना कर जांच को आगे बढ़ा रही है। वहीं पुलिस को मामले की थाह पाने के लिए साइंटिफिक टैस्ट करवाने का निर्णय लेना पड़ रहा है।

18 अप्रैल 2024 को हुई थी वारदात
18 अप्रैल को देर सायं कुसुम देवी का गला रेत कर हत्या दी गई थी। उसका शव जंगल में पड़ा पाया गया था। वहीं पुलिस ने घटनास्थल से एक पेपर कटर भी बरामद किया था। इस ब्लाइंड मर्डर केस को लेकर पुलिस ने एक व्यक्ति को शक के आधार पर 27 जून 2024 को गिरफ्तार किया था, परंतु इसकी संलिप्तता न पाए जाने पर उसे न्यायालय ने डिस्चार्ज कर दिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि वारदात के दिन 3 लोग स्कूटी पर उक्त क्षेत्र में थे, जिनमें से एक उक्त व्यक्ति भी था परंतु मामले में उसकी संलिप्तता नहीं पाई गई।

डीएसपी पालमपुर लोकेंद्र सिंह का कहना है कि ब्लाइंड मर्डर केस में 2 और लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट व पॉलीग्राफिक टैस्ट करवाए गए हैं। पहले भी कुछ लोगों के लाई डिटैक्टर टैस्ट करवाए गए हैं। इस हेतु न्यायालय से अनुमति मिलने के पश्चात इस प्रक्रिया को किया जा रहा है। साइंटिफिक टैस्ट के माध्यम से मामले को सुलझाने की दिशा में पुलिस आगे बढ़ रही है।

 

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