राहत : एडमिशन रद्द करवाने पर विद्यार्थियों की पूरी फीस होगी रिफंड, यूजीसी ने जारी किए आदेश

Edited By Rajneesh Himalian, Updated: 05 Aug, 2022 05:57 PM

orders issued by ugc

उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा एडमिशन रद्द करवाने पर विद्यार्थियों की पूरी फीस रिफंड होगी।

शिमला (अभिषेक): उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा एडमिशन रद्द करवाने पर विद्यार्थियों की पूरी फीस रिफंड होगी। विश्वविद्यालय के अलावा कालेज या फिर अन्य उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने के बाद एडमिशन रद्द करवाने या फिर किसी अन्य शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने पर संबंधित विद्यार्थी की फीस वापस करनी होगी। इसको लेकर आदेश जारी हो गए हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को बड़ी राहत प्रदान की है।
यू.जी.सी. की ओर से आदेश जारी होने के बाद अब साफ किया है कि सत्र 2022-23 के दौरान अगर कोई विद्यार्थी 31 अक्तूबर 2022 तक अपनी एडमिशन रद्द करवाता है या फिर माइग्रेट होता है तो उसकी पूरी फीस रिफंड होगी। इसमें शिक्षण संस्थान की ओर से कैंसलेशन चार्जिस भी नहीं लिए जाएंगे। इसके बाद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक अपनी एडमिशन रद्द करवाता है या फिर माइग्रेट होगा तो शुल्क के तौर पर शिक्षण संस्थानों को प्रोसैसिंग फीस के ही 1 हजार रुपए काटेंगे जबकि शेष पूरी फीस वापस करनी होगी। इसको लेकर यूजीसी की ओर से विश्वविद्यालयों के कुलपति व कालेजों के प्राचार्यो को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से साफ किया गया है कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान फीस रिफंड के आदेशों की अनुपालना सख्ती से करें।
बता दें कि बीते जुलाई माह में यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को सीबीएसई के जमा 2 कक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद स्नातक प्रवेश की समय सीमा निर्धारित करने के लिए कहा था। एक अन्य पत्र में यूजीसी ने दिशा-निर्देश दिए थे कि सीयूईटी, जेईई मेन, जेईई एडवांस आदि कई प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन में देरी हुई है। इस कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया अक्तूबर 2022 तक जारी रहे सकती है। 

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