नदियों में प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त, कालाअंब का किया दौरा

Edited By prashant sharma, Updated: 29 Dec, 2020 07:13 PM

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नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए एनजीटी द्वारा 2018 में बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल द्वारा गत दिवस कालाअंब का दौरा किया गया। इस दौरान मारकंडा नदी व त्रिलोकपुर नाले में सफाई अभियान चलाया गया।

कालाअंब (अजंलि) : नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए एनजीटी द्वारा 2018 में बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल द्वारा गत दिवस कालाअंब का दौरा किया गया। इस दौरान मारकंडा नदी व त्रिलोकपुर नाले में सफाई अभियान चलाया गया। इसमें जिला सिरमौर के प्रशासनिक अधिकारियों सहित जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोडल अधिकारी व क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एनजीटी द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना को लेकर कालाअंब में किए जा रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया गया।

जस्टिस प्रीतम पाल ने कहा कि उत्तर भारत में उद्योगों के कारण नदियों के जल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूरी तरह सजग है। कालाअंब की मारकंडा नदी में बड़े स्तर पर उद्योगों का पानी छोड़ा जा रहा है। प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे हैं। उन्होंने त्रिलोकपुर, खैरी व कालाअंब के लिए बन रहे सीवरेज प्लांट, सीईटीपी कालाअंब व पौधों से पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने मारकंडा नदी में रियल वाटर टाइम वाटर क्वालिटी सिस्टम लगवाने के निर्देश की पालना को लेकर भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण का उद््देश्य इन सभी योजनाओं को एनजीटी के नियमों के अनुरूप ही तैयार करवाया जा रहा है या नहीं। 

उन्होंने बताया कि वे सिरमौर स्थित घग्गर नदी के उद्गम स्थल से लेकर राजस्थान के ओटू तक इस नदी का अवलोकन कर चुके हैं। कई फैक्टरियों के ट्रीटमैंट प्लांट या तो काम ही नहीं कर रहे हैं या हैं ही नहीं। इसलिए इन फैक्टरियों का गंदा पानी सहायक नदियों के रास्ते घग्गर को प्रदूषित कर रहा है। पंजाब में एक शूगर मिल व डिस्टलरी का हजारों टन सीरा ब्यास नदी में बह गया, जिससे नदी के पानी में रहने वाले लाखों जीव-जंतु मर गए थे। इसका संज्ञान लेकर कमेटी ने पंजाब सरकार पर न केवल 50 करोड़ रुपए का जुर्माना किया है, बल्कि यह भी कहा है कि सरकार इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व फैक्टरी से इस धन की रिकवरी करे। यही नहीं प्रदूषण के मानकों की उल्लंघन करने वाली फैक्टरियों को सील किया जा रहा है और उनके चालान भी किए जा रहे हैं। 

कालाअंब से भी अनेक फैक्टरियों का पानी मारकंडा व घग्गर नदी में डाला जा रहा है। इसे रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को एक महीने का समय दिया गया है। इसको लेकर यहां पर अधिकारियों द्वारा कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला अतिरिक्त उपायुक्त प्रियंका, नोडल अधिकारी प्रदूषण बोर्ड डॉ. श्रवण कुमार, जिला सिरमौर क्षेत्रीय अधिकारी पवन शर्मा व कालाअंब के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार मौजूद रहे।
 

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