Edited By Vijay, Updated: 19 Apr, 2026 12:59 PM

हिमाचल प्रदेश में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं के शोषण के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं, लेकिन अब नालागढ़ की अदालत ने ऐसे अपराधों पर कड़ा प्रहार किया है।
बीबीएन (शेर सिंह): हिमाचल प्रदेश में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं के शोषण के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं, लेकिन अब नालागढ़ की अदालत ने ऐसे अपराधों पर कड़ा प्रहार किया है। नालागढ़ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता की अदालत ने झाड़-फूंक के नाम पर एक महिला से दुष्कर्म करने वाले आरोपी जगदीश उर्फ बाबा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में आरोपी पर भारी जुर्माना भी लगाया है। उपजिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने दोषी जगदीश उर्फ बाबा को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत आजीवन कारावास और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, धारा 506 के तहत उसे 2 साल की अतिरिक्त कैद और 2,000 रुपए जुर्माने का दंड भी दिया गया है।
क्या था मामला?
पीड़िता द्वारा 21 मार्च, 2022 को बद्दी महिला थाना में दी गई शिकायत के अनुसार आरोपी जगदीश उर्फ बाबा उसे झाड़-फूंक और जड़ी-बूटियों के जरिए इलाज करने का झांसा देता था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर दिसम्बर 2021 में आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने इस कृत्य का विरोध किया तो आरोपी ने उसके परिवार को तंत्र-मंत्र के जरिए जान से मारने की धमकी देकर खामोश करा दिया।
साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा
महिला की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 मार्च, 2022 को धारा 376 और 506 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर आरोपी जगदीश उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद यह मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोषी जगदीश उर्फ बाबा पुत्र मदन लाल, निवासी गांव बारियां, डाकघर गोयला पन्नर, तहसील नालागढ़ को कठोर सजा सुनाई है।
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