Kullu: भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ कुल्लू दशहरा उत्सव संपन्न, लंकाबेकर में निभाई लंका दहन की रस्म

Edited By Kuldeep, Updated: 08 Oct, 2025 06:49 PM

kullu dussehra concludes

अधिष्ठाता रघुनाथ की रथयात्रा के साथ बुधवार को कुल्लू का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव संपन्न हो गया। भगवान रघुनाथ रथयात्रा के बाद सभी देवी-देवताओं से विदा लेकर अपने रघुनाथपुर स्थित देवालय चले गए।

कुल्लू: अधिष्ठाता रघुनाथ की रथयात्रा के साथ बुधवार को कुल्लू का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव संपन्न हो गया। भगवान रघुनाथ रथयात्रा के बाद सभी देवी-देवताओं से विदा लेकर अपने रघुनाथपुर स्थित देवालय चले गए। शाम 4 बजे रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर के पास से रथयात्रा शुरू हुई। उत्सव के पहले दिन रघुनाथ जी को रथ मैदान से अस्थायी शिविर तक लाया गया। अंतिम दिन वहीं से यात्रा शुरू हुई और लोग रथ को कैटल ग्राऊंड तक लेकर आए। राज परिवार से रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह और देवलुओं ने लंकाबेकर में जाकर लंका दहन की रस्म को पूरा किया। इसके बाद देवलू माता सीता जी को रघुनाथ जी के रथ तक लेकर आए।

माता सीता रथ में रघुनाथ जी और लक्ष्मण के साथ सवार हुईं और श्रद्धालुओं ने रथ को खींचकर रथ मैदान तक लाया। रथ मैदान में भगवान रघुनाथ जी ने सभी देवी-देवताओं से विदा ली और पालकी में सवार होकर रघुनाथपुर चले गए। कड़े सुरक्षा पहरे में हुई रथयात्रा में हजारों लोगों ने भाग लिया। रथयात्रा के दौरान ढालपुर क्षेत्र श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। हालांकि बारिश के कारण ढालपुर मैदान में काफी कीचड़ जमा हो गया था लेकिन लोगों व देवलुओं में उत्साह की कोई कमी नहीं देखी गई। लोगों ने खराब मौसम के बीच रथयात्रा में हिस्सा लिया। भगवान रघुनाथ जी के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि मौसम जैसा भी हो, देव कारज नहीं रुकते हैं। देव कारजों को देव आदेश पर हर हाल में निभाना पड़ता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!