जिला में विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की संख्या में हो रही वृद्धि

Edited By Jinesh Kumar, Updated: 26 Oct, 2020 11:35 AM

increase in the number of students reaching school in the district

स्कूलों में धीरे-धीरे विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की संख्या में बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है। खास तौर पर दसवीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ौतरी देखी जा रही है। 19 अक्तूबर को जहां दसवीं व 12वीं के विद्यार्थियों की स्कूल पहुंचने की...

धर्मशाला (नवीन): स्कूलों में धीरे-धीरे विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की संख्या में बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है। खास तौर पर दसवीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ौतरी देखी जा रही है। 19 अक्तूबर को जहां दसवीं व 12वीं के विद्यार्थियों की स्कूल पहुंचने की संख्या लगभग 4456 थी तो अब यह संख्या करीब 7 हजार तक पहुंच गई है। शिक्षा विभाग के मुताबिक रोजाना संख्या में बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है। 19 अक्तूबर से दसवीं व 12वीं की नियमित तौर पर कक्षाएं लगाने के लिए कहा गया था। हालांकि अभी कई स्कूलों में विद्यार्थियों की कुछ विषयों की कुछ समय के लिए कक्षाएं संचालित की जा रही हैं तथा कई स्कूलों में विद्यार्थियों को गाइडेंस दी जा रही है। दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी अभिभावकों के सहमति पत्र के साथ नियमित तौर पर कक्षाएं लगाने के लिए आ सकते हैं। अगर कोई अभिभावक विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं तो उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी हैं। स्कूल भी कोविड-19 के चलते सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे हैं। पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाते हुए ही कक्षाओं में विद्यार्थियों को बिठाया गया। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के चलते काफी समय से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि पढ़ाई कम प्रभावित हो, इसके लिए स्कूलों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है।उपनिदेशक उच्च शिक्षा कांगड़ा रेखा कपूर ने बताया कि धीरे-धीरे विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की संख्या में बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है। विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने पर विभिन्न सुरक्षा उपायों को अपनाया जा रहा है। आगामी दिनों में विद्यार्थियों की संख्या और बढ़ेगी।

ऑनलाइन से पढ़ाई का माहौल नहीं बनता
कई विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में ही पढ़ाई ठीक से हो पाती है। ऑनलाइन से पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता। कभी नेटवर्क की समस्या रहती है तो कभी घर का शोर पढ़ाई में बाधक बनता है। ऑनलाइन कक्षा के लिए पूरे इंतजाम नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में स्कूल खुलने का इंतजार था। स्कूल खुले हैं तो मास्क लगाकर स्कूल जा रहे हैं, क्योंकि पढ़ाई को और दिन नहीं टाला जा सकता है।

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