Edited By Vijay, Updated: 15 Nov, 2025 06:45 PM

हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) पैंशनर्ज कल्याण संगठन मंडी इकाई ने एचआरटीसी प्रबंधन के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ रोष व्यक्त किया है।
मंडी (रजनीश): हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) पैंशनर्ज कल्याण संगठन मंडी इकाई ने एचआरटीसी प्रबंधन के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। शनिवार को वरिष्ठ नागरिक भवन मंडी में केडी अवस्थी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पैंशनर्ज ने नाराजगी जताई कि एचआरटीसी प्रबंधन ने सेवारत कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और एरियर का भुगतान 12 नवम्बर, 2025 को अक्तूबर माह के वेतन के साथ कर दिया है, किंतु सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न तो अक्तूबर माह की पैंशन और न ही डीए व एरियर का भुगतान आज दिन तक किया गया है।
...तो फिर एचआरटीसी पैंशनर्ज के साथ ही भेदभाव क्यों
बैठक में उपस्थित चमन शर्मा, बलवंत सेन, लेख राज शर्मा, तेज सिंह, जैदेव, बलवीर, यादवेंद्र शर्मा, प्रकाश चंद, पद्मनाभ, नेक राम कटोच, भारत भुषण, वीरी सिंह व परस राम आदि पैंशनर्ज ने एकजुट होकर इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि प्रबंधन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों व पैंशनर्ज की अनदेखी व उत्पीड़न का सिलसिला जारी है। प्रधान अनूप कपूर और महासचिव रोशन कटोच ने कहा कि पैंशनर्ज ने सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री ने दीपावली के उपलक्ष्य पर डीए व एरियर की घोषणा की थी, जो हिमाचल के सभी सरकारी/अर्धसरकारी कर्मचारियों व पैंशनर्ज को दिया गया है तो फिर एचआरटीसी पैंशनर्ज के साथ ही यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। संगठन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि सरकार द्वारा इस माह वेतन व पैंशन के लिए केवल 50 करोड़ रुपए ही जारी किए गए, जिसे प्रबंधन ने वेतन और सेवारत कर्मचारियों के डीए व एरियर पर खर्च कर दिया और पैंशनर्ज को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली।
21 नवम्बर को करेंगे रोष प्रदर्शन
एचआरटीसी पैंशनर्ज कल्याण संगठन मंडी इकाई ने मुख्यमंत्री, वित्त सचिव व परिवहन सचिव से अनुरोध किया है कि एचआरटीसी पैंशनर्ज को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हर माह पैंशन के लिए अलग से समुचित राशि आबंटित की जाए। उन्होंने बताया कि राज्य कार्यकारिणी की कुल्लू में हुई बैठक में सरकार व प्रबंधन के भेदभावपूर्ण व्यवहार पर विचार-विमर्श के बाद आंदोलनात्मक निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में 21 नवम्बर को शिमला मंडल के सभी पैंशनर्ज एकजुट होकर एचआरटीसी मुख्यालय शिमला में पैंशन, डीए व एरियर न मिलने पर रोष प्रकट करेंगे। तत्काल भुगतान न होने पर द्वितीय चरण में मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के गृह विधानसभा गृह क्षेत्रों में विरोध स्वरूप धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उच्च न्यायालय के निर्णय को लागू करने की मांग
पैंशनरों ने उच्च न्यायालय द्वारा उनके पक्ष में दिए निर्णय के अनुसार 50 मैट्रिक्स ऑफ पे लेवल के आधार पर पैंशन का तुरंत पुनः संशोधन करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर हजारों पैंशनरों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।