सुरों की रानी आशा भोसले के निधन से हिमाचल गमगीन, शिमला के समर फैस्टिवल में दी थी प्रस्तुति...यादों में खोए प्रशंसक

Edited By Vijay, Updated: 12 Apr, 2026 06:13 PM

himachal mourns to passing of queen of melodies asha bhosle

हिंदी फिल्म जगत की सुप्रसिद्ध और दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन की खबर से हिमाचल प्रदेश के संगीत प्रेमी और उनके प्रशंसक गहरे सदमे और शोक में हैं। रविवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रशंसकों को उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं।

शिमला (अभिषेक): हिंदी फिल्म जगत की सुप्रसिद्ध और दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन की खबर से हिमाचल प्रदेश के संगीत प्रेमी और उनके प्रशंसक गहरे सदमे और शोक में हैं। रविवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रशंसकों को उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। विशेषकर, शिमला के स्थानीय निवासियों को 70 के दशक का वह दौर याद आया, जब आशा भोसले ने शिमला समर फैस्टीवल में अपनी शानदार प्रस्तुति दी थी। उस समय वह अपने करियर के चरम पर थीं और उनके जादुई गीतों पर शिमला वासी खूब थिरके थे।

82 साल का करियर और 12,000 गाने
आशा भोसले ने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की राह पर चलते हुए संगीत जगत में कदम रखा और अपनी मेहनत व प्रतिभा से अपार ख्याति अर्जित की। उन्होंने मात्र 10 साल की उम्र में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था, जो मराठी भाषा में था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने 82 वर्षों के लंबे और शानदार करियर में उन्होंने करीब 12,000 गाने गाए। कला जगत में उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रख्यात गायिका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। सीएम ने कहा कि उनकी स्वर-साधना, अद्वितीय गायन शैली और भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों के हृदय को स्पर्श किया है और संगीत की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक-संतप्त परिजनों व प्रशंसकों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

अनुपम खेर ने दी भावुक श्रद्धांजलि, बताया एक युग 
दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने आशा भोसले को भावुक श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक युग करार दिया। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में अनुपम खेर ने कहा कि आशा भोसले केवल संगीत का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि 7 दशकों से अधिक समय तक उन्होंने एक पूरे दौर को परिभाषित किया। उनकी आवाज ने पीढ़ियों, भाषाओं और भावनाओं की सीमाओं को पार किया। अनुपम खेर ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को याद करते हुए कहा कि चुलबुले गीतों से लेकर गजलों तक और रोमांटिक धुनों से लेकर ऊर्जावान गानों तक, उन्होंने हर सुर को अपनी पहचान दी। अनुपम खेर ने उनकी सकारात्मक सोच, जीवन के प्रति जिज्ञासा और खुद को हर समय के साथ नए रूप में ढालने की क्षमता की प्रशंसा की। खेर ने लिखा कि आशा जी की आंखों में चमक और मुस्कान में शरारत यह बताती थी कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन को अंत तक उत्सव की तरह जीना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आप भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपकी आवाज हमेशा गूंजती रहेगी।

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