Edited By Vijay, Updated: 18 Jan, 2022 11:43 PM

प्रदेश उच्च न्यायालय ने हवाई खेल, रिवर राफ्टिंग और जानवरों की सवारी जैसे साहसिक खेलों से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय ने जनहित से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिए कि हवाई...
शिमला (मनोहर): प्रदेश उच्च न्यायालय ने हवाई खेल, रिवर राफ्टिंग और जानवरों की सवारी जैसे साहसिक खेलों से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय ने जनहित से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिए कि हवाई खेलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा पैराशूट, हैल्मेट, दोतरफा रेडियो संचार उपकरण और ऑप्रेटरों को हैलीकॉप्टर के उपयोग के लिए बीमा निकासी का प्रबंध किया जाए। ऑप्रेटर अपने साथ प्राथमिक चिकित्सा किट जैसे पट्टियां, पैड, धुंध रोलर पट्टियां, दबाव पट्टियां, कैंची आदि रखें।
ऑप्रेटर के पास प्रतिभागियों के मार्गदर्शन के लिए 2 गाइड और हवाई राफ्ट का संचालन करने वाले योग्य व्यक्ति होने अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑप्रेटर के पास 18 वर्ष से अधिक आयु वाले गाइड होने चाहिए और सभी गाइड अच्छी तरह से हवाई खेल और बचाव तकनीकों में प्रशिक्षित हों। ऑप्रेटर के पास चिकित्सा सुविधाएं और ऑप्रेशन के दौरान सुरक्षा उपायों के रूप में आवश्यक उपकरण हो। एयरो स्पोर्ट ऑप्रेशन्स सूर्यास्त से एक घंटे पहले या शाम 6 बजे से पूर्व समाप्त कर लिया जाए। रिवर राफ्टिंग के संबंध में कोर्ट द्वारा गठित समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह संबंधित साइटों का निरीक्षण करें और सत्यापित करें कि क्या ऑप्रेटर के पास आवश्यक उपकरण, चिकित्सा सुविधाएं और संचालन के दौरान सुरक्षा उपाय इत्यादि सुविधाएं भी मौजूद हैं।
जानवरों के इस्तेमाल वाली खेलों अथवा उनसे जुड़ी पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि जानवरों की सवारी के दौरान यह सुनिश्चित करना होगा कि जानवरों के साथ कोई क्रूरता नहीं की जाए। भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन न किया जाए और ऐसे प्रत्येक जानवर जिनमें घोड़े और याक शामिल हैं, की पशु चिकित्सक द्वारा चिकित्सकीय जांच की जाए।
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिए आदेश
एक 12 वर्ष के बालक की हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग साइट पर मौत शीर्षक से एक दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर पर संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सत्येन वैद्य की सर्दियों की छुट्टियों के दौरान विशेष तौर पर गठित खंडपीठ ने उपरोक्त आदेश पारित किए। 12 साल के बालक आद्विक की वाहन दुर्घटना में गंभीर चोटें आने व सिर में चोट लगने के परिणामस्वरूप मृत्यु हो गई थी।
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