Hamirpur: बंदरों का आतंक राष्ट्रीय समस्या, निपटने के लिए बने व्यापक कार्ययोजना : अनुराग

Edited By Kuldeep, Updated: 18 Mar, 2026 06:23 PM

hamirpur monkeys menace national problem

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत बंदर आतंक की गंभीर और लंबे समय से उपेक्षित समस्या को राष्ट्रीय संकट करार देते हुए तत्काल और समन्वित केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की।

हमीरपुर (ब्यूरो): सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत बंदर आतंक की गंभीर और लंबे समय से उपेक्षित समस्या को राष्ट्रीय संकट करार देते हुए तत्काल और समन्वित केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने सदन का ध्यान देशभर विशेष रूप से कृषि प्रधान राज्यों में अनियंत्रित बंदर आबादी से हो रही भारी तबाही की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में 70,000 हैक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि पर खेती छोड़नी पड़ी है। वहीं राज्य में वार्षिक फसल नुक्सान 500 करोड़ रुपए से अधिक है, जबकि 2017 से 2024 के बीच कुल नुक्सान लगभग 2,200 करोड़ रुपए आंका गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले 1 वर्ष में एक जिले में प्रतिदिन लगभग 10 लोग बंदरों के हमलों का शिकार हो रहे हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। उन्होंने 1978 के बंदर निर्यात प्रतिबंध को समस्या का प्रमुख कारण बताया, जिसके चलते आबादी अनियंत्रित रूप से बढ़ी। उन्होंने वनों की कटाई, प्राकृतिक आवासों का क्षरण, शिकारी प्रजातियों की कमी व राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीति के अभाव को भी समस्या का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बंदरों का आतंक अब राष्ट्रीय संकट का रूप ले चुका है।

बंदर-मानव संघर्ष पर व्यापक राष्ट्रीय कार्ययोजना की जाए तैयार
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राज्यों के लिए अकेले इस समस्या से निपटना संभव नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार को मानवीय और वैज्ञानिक आधार पर राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से बंदर-मानव संघर्ष पर व्यापक राष्ट्रीय कार्ययोजना बनाने, बड़े पैमाने पर नसबंदी कार्यक्रम, इम्यूनोकॉन्ट्रासैप्शन तकनीकों का उपयोग व प्राकृतिक आवासों की बहाली जैसे उपायों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने किसानों के लिए समयबद्ध व मानकीकृत मुआवजा व्यवस्था लागू करने तथा जमीनी स्तर पर सामुदायिक फसल सुरक्षा प्रणालियां स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए समर्पित बजटीय प्रावधान व राज्य सरकारों को वैज्ञानिक एवं मानवीय उपायों के क्रियान्वयन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता बताई।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!