Kangra: कांगड़ा में एयरपोर्ट विस्तार में देरी और सैंट्रल यूनिवर्सिटी की राह में कांग्रेस सरकार ही रोड़ा : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 07 Dec, 2025 07:01 PM

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा है कि 3 वर्ष पूरे होने को हैं और अभी तक कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार को मौजूदा सरकार धरातल पर नहीं उतार पाई है।

धर्मशाला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा है कि 3 वर्ष पूरे होने को हैं और अभी तक कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार को मौजूदा सरकार धरातल पर नहीं उतार पाई है। इनकी लेटलतीफी से न केवल हवाई अड्डा विस्तार में देरी हुई है, बल्कि यही हाल सैंट्रल यूनिवर्सिटी का हुआ है, जिसकी राह में यह सरकार ही रोड़ा बनी हुई है। इतना समय निकल चुका है लेकिन मात्र 30 करोड़ रुपए भी राज्य सरकार जारी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की इस सरकार को विकास कार्य लटकाने और लोगों का ध्यान भटकाने में ही महारत हासिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू की लोकप्रियता की हवा तो कांगड़ा में विधानसभा सत्र के दौरान ही निकल गई, जब जनता उनसे मिलने ही नहीं आई। मजबूरन मुख्यमंत्री को सुबह सैर के बहाने स्कूलों के आसपास चक्कर काटने पड़े।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इतना लंबा शीतकालीन सत्र धर्मशाला में हुआ लेकिन बावजूद इसके जनता मुख्यमंत्री के पास आखिर क्यों नहीं पहुंची, इस पर उन्हें मंथन अवश्य करना चाहिए। हमारा दावा है कि जनता को उनके रवैये और काम करने के तरीके से ही नाराजगी है। आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री इतने दिन कांगड़ा प्रवास पर रहे हों और जनता ने इतनी दूरी बना ली हो। उन्होंने कहा कि जनता की नाराजगी यही है कि इस सरकार ने झूठ बोलकर सत्ता तो हथिया ली लेकिन जनता से किए वायदे पूरे करने के लिए अब इनके नेता मुंह छिपाते फिर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जोरावर स्टेडियम में हुई आक्रोश रैली इसका जीता-जागता उदाहरण है। जनता ने मुख्यमंत्री कार्यालय से दूरी बनाई और भाजपा की रैली को भरपूर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले में हमारी भाजपा सरकार के समय जो बड़े प्रोजैक्ट शुरू हुए थे, उन्हें कांग्रेस सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। धर्मशाला को पर्यटन राजधानी बनाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अभी तक एक भी प्रोजैक्ट की आधारशिला यहां नहीं रखी है, जो दर्शाता है कि इनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है।

कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार इस क्षेत्र के पर्यटन को एक नया आयाम देगा, जिससे यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरेगा लेकिन कांग्रेस सरकार की लेटलतीफी और विकास कार्यों को लेकर अनदेखी से यह सपना धूमिल होता दिखाई दे रहा है। हमने धर्मशाला में राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन कॉन्क्लेव करवा कर कांगड़ा जिले को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित कर ग्लोबल इन्वैस्टर मीट से औद्योगिक निवेश का माहौल खड़ा किया।

देशभर के मुख्य सचिवों का सम्मेलन करवाया और प्रधानमंत्री स्वयं इस कार्यक्रम में पहुंचे। कांग्रेस सरकार मात्र मंचों से कांगड़ा को पर्यटन राजधानी का नाम दे रही है, जबकि हमने कांगड़ा में इन्वैस्टर मीट करवाकर निवेश की राजधानी बनाया। उन्होंने कहा कि हमारे सांसद मजबूती के साथ यहां के मुद्दों को केंद्र में उठा रहे हैं और आने वाले समय में बहुत सारे प्रोजैक्ट्स केंद्र सरकार के माध्यम से यहां धरातल पर उतरेंगे लेकिन इस सुक्खू सरकार से इन बड़े प्रोजैक्ट को लेकर उम्मीद करना ही बेकार है, जिन्होंने सत्ता में आते ही 2000 चले हुए संस्थान बंद करवा दिए और विकास कार्यों पर पूर्ण विराम लगा दिया हो, उनसे बड़े काम की उम्मीद ही नहीं की जा सकती।

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