हिमाचल में अधिकारियों को लेकर विवाद पर CM सुक्खू का बड़ा बयान, बाेले-कांग्रेस के लिए देश और प्रदेश हित हमेशा सर्वोपरि

Edited By Vijay, Updated: 16 Jan, 2026 05:56 PM

cm sukhvinder singh sukhu

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में अधिकारियों को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के लिए देश और प्रदेश हित हमेशा सर्वोपरि रहे हैं।

शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में अधिकारियों को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के लिए देश और प्रदेश हित हमेशा सर्वोपरि रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं और ऐसी बातों को तूल देना गलत है। सुखविंदर सिंह सुक्खू नई दिल्ली में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तारुढ़ हैं और उनके अलावा प्रदेश हितों को कौन देखेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश हितों की उस लड़ाई को लड़ा है, जो 40 वर्ष से नहीं लड़ी गई। इसी लड़ाई में सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल की लड़ाई को जीता है। वाइल्ड फ्लावर हॉल संपत्ति के स्वामित्व की यह लड़ाई 23 वर्षों से चली आ रही थी, जिसे वर्तमान सरकार ने जीता है। इस फैसले से राज्य को करीब 401 करोड़ रुपए का वित्तीय लाभ मिला है, जिसमें 320 करोड़ रुपए की बैंक जमा और शेयर होल्डिंग्स शामिल हैं। इससे राज्य को प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपए से अधिक की आय भी होगी। इसी तरह राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से 1000 मैगावाट कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने जेएसडब्ल्यू एनर्जी को 18 फीसदी रॉयल्टी देने के निर्देश दिए हैं, जिससे राज्य को प्रतिवर्ष 150 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी। इसी तरह बीबीबीएम प्रोजैक्ट की बकाया देनदारी और चंडीगढ़ की भूमि व परिसंपत्तियों पर 7.19 फीसदी हिस्से को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2011 में हिमाचल प्रदेश के इस अधिकार को मान्यता दी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री से आरडीजी ग्रांट 10000 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष करने और एडिशन बोरिंग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लगने से हिमाचल प्रदेश को घाटा हुआ है। हिमाचल प्रदेश एशिया का प्रमुख फार्मा हब है, जहां से पहले राज्य सरकार को वैट और एक्साइज के रूप में 4000 करोड़ रुपए आते थे। अब यह राशि घटकर 150 से 200 करोड़ रुपए रह गए हैं। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खिलाफ राज्य सरकार ने अभियान चलाया है तथा इस मामले में संलिप्त 11 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की चंडीगढ़ शहर से लगते क्षेत्र में आधुनिक वर्ल्ड क्लास सिटी निर्माण की योजना है।

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