Edited By Vijay, Updated: 24 Jan, 2026 11:55 AM

जिला मंडी की एक विशेष अदालत ने विवाह के झूठे वायदे के आधार पर दुष्कर्म और प्रताड़ना के एक बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।
मंडी (रजनीश): जिला मंडी की एक विशेष अदालत ने विवाह के झूठे वायदे के आधार पर दुष्कर्म और प्रताड़ना के एक बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 की अदालत ने मुख्य आरोपी शक्ति चंद धीमान और उसके परिवार के 3 अन्य सदस्यों को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है। मामला फरवरी, 2020 में महिला थाना मंडी में दर्ज किया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी शक्ति चंद धीमान ने उससे शादी का झांसा देकर अक्तूबर, 2019 से जनवरी 2020 के बीच शारीरिक संबंध बनाए।
आरोप यह भी था कि आरोपी के माता-पिता और उसकी बहन ने पीड़िता के साथ मारपीट की, उसे अपशब्द कहे और दहेज या अन्य कारणों से प्रताड़ित किया। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद पाया कि पीड़िता बालिग थी और वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने गई थी। उसने खुद पुलिस के सामने पहले बयान दिया था कि वह अपनी स्वेच्छा से आरोपी के साथ रह रही है। अदालत ने शक्ति चंद धीमान, विलियम जॉन, संतोष धीमान और शिवानी धीमान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है।