BJP ने हिमाचल सरकार के बजट को बताया ‘बैक गियर बजट', आवंटन में 4,000 करोड़ रुपए की कटौती का आरोप

Edited By Swati Sharma, Updated: 22 Mar, 2026 10:45 AM

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Shimla News : हिमाचल प्रदेश में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से पेश किए गये वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट 'बैक गियर बजट' करार दिया है और कहा है कि राज्य के विकास को पीछे धकेल देगा।

Shimla News : हिमाचल प्रदेश में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से पेश किए गये वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट 'बैक गियर बजट' करार दिया है और कहा है कि राज्य के विकास को पीछे धकेल देगा।

आवंटन में 4,000 करोड़ रुपये की कटौती का आरोप

शिमला में मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि इस बजट में दूरदर्शिता की कमी है और यह लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में बजट आवंटन में लगभग 4,000 करोड़ रुपये की कटौती की है, जिसका विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। श्री बिंदल ने कहा कि राज्य में बजट आवंटन में इतनी बड़ी कटौती शायद ही कभी देखने को मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों की गति धीमी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में जिन कई योजनाओं को प्रमुखता से दिखाया गया है, वे असल में राज्य द्वारा शुरू किए गए नये कार्यक्रमों के बजाय, मत्स्य पालन, कृषि, बागवानी और पशुपालन से संबंधित केंद्र प्रायोजित योजनाओं का ही नया रूप हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राज्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए बार-बार केंद्र सरकार को दोषी ठहराने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं से राज्य को काफी फायदा होने के बावजूद, बजट दस्तावेज़ की शुरुआत श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना से होती है।

बिंदल ने लगाया ये आरोप

कांग्रेस पार्टी की 2022 के चुनावों की गारंटियों को निशाना बनाते हुए बिंदल ने उन्हें 'जनता के विश्वास के साथ धोखा' बताया। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियां देने और पांच लाख रोज़गार के अवसर पैदा करने जैसे वादे पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा अभी तक लागू नहीं किया गया है। बिंदल ने आगे आरोप लगाया कि 100 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदने की प्रतिबद्धता को घटाकर 60 रुपये कर दिया गया है, जिसे उन्होंने किसानों और डेयरी उत्पादकों के लिए गुमराह करने वाला कदम बताया। 

अन्य मोर्चों पर सरकार की आलोचना करते हुए, उन्होंने दावा किया कि बजट में कानून-व्यवस्था, बढ़ती माफिया गतिविधियों, अस्पतालों में दवाओं की कमी और बंद पड़े संस्थानों को फिर से खोलने से संबंधित चिंताओं का ठीक से समाधान नहीं किया गया है। बजट को खोखले आंकड़ों का पुलिंदा बताते हुए बिंदल ने कहा कि इसमें युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए स्पष्ट दिशा और सार्थक राहत का अभाव है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस जन-विरोधी बजट का कड़ा विरोध करेगी और हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएगी। 

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