Edited By Vijay, Updated: 26 Feb, 2025 12:21 PM
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बद्दी के मल्कुमाजरा में धारा 118 का उल्लंघन कर प्लॉट बेचने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इससे 45 परिवारों पर बेघर होने की तलवार लटक गई है।
सोलन (ब्यूरो): बद्दी के मल्कुमाजरा में धारा 118 का उल्लंघन कर प्लॉट बेचने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इससे 45 परिवारों पर बेघर होने की तलवार लटक गई है। अपने जीवन की पूरी पूंजी लगाकर मकान बनाए लेकिन अब पता चला है बिल्डर से खरीदी गई जमीन सरकार में निहित हो गई है। डीसी सोलन की अदालत ने 2 मई, 2024 को हिमाचल प्रदेश मुजारा एवं भू सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 के तहत बिल्डर द्वारा 17 अप्रैल, 2007 को मल्कुमाजरा में खरीदी गई 27 बीघा भूमि को सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं। इसमें वह प्लॉट भी शामिल है जो आम लोगों द्वारा बिल्डर से वर्ष 2020-23 के बीच में खरीदे गए हैं। मजेदार बात यह है कि लोगों द्वारा बिल्डर से 3-3 बिस्वा खरीदे गए प्लॉट की बद्दी तहसील में रजिस्ट्री व इंतकाल भी हो गए हैं।
बिल्डर ने 3-3 बिस्वा के करीब 70 प्लॉट बेचे
हैरानी की बात है कि धारा 118 के तहत सरकार से अनुमति के बाद बिल्डर द्वारा वर्ष 2007 में खरीदी गई भूमि के प्लॉटों की वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2023 में कैसे रजिस्ट्री व इंतकाल हो गया, क्योंकि धारा 118 के तहत खरीदी गई भूमि का उपयोग 2 वर्ष के अंदर करना अनिवार्य है। इसी रजिस्ट्री के आधार पर भी खरीददारों को मकान के निर्माण के लिए बैंकों से ऋण भी मिल गए। सम्बन्धित अथॉरिटी से मकान का नक्शा स्वीकृत होने के बाद लोगों ने तीन से चार मंजिला मकान का निर्माण कर दिया। बताया जा रहा है कि बिल्डर द्वारा 3-3 बिस्वा के करीब 70 प्लॉट बेचे गए हैं। डीसी की अदालत से जारी हुए आदेश के बाद अब इन प्लॉटों पर बेचने पर रोक लग गई है। इसके कारण जिन लोगों ने प्लॉट खरीदने के बाद मकान नहीं बनाया है, अब वह उस जमीन पर न तो मकान बना सकते हैं और न ही बैंक से ऋण ले सकते हैं। जिन लोगों ने मकान बनाया भी है उन पर भी तलवार लटक गई है।
डीसी से मिला प्रतिनिधिमंडल, न्याय की लगाई गुहार
इसी के चलते एच वन रैजीडैंसियल वैल्फेयर सोसायटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी सोलन मनमोहन शर्मा से गुहार लगाई कि उन्हें राहत प्रदान की जाए। यदि बिल्डर द्वारा धारा 118 का उल्लंघन किया था तो तहसील में रजिस्ट्री व इंतकाल नहीं किए जाने चाहिए थे, क्योंकि उन लोगों को राजस्व से सम्बन्धित जानकारी का अभाव था। सोसायटी के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि उनका क्या कसूर है। बद्दी तहसील में प्लॉट की रजिस्ट्री हुई, उसके बाद इंतकाल हुआ। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सम्बन्धित अथॉरिटी से मकान का नक्शा भी स्वीकृत हुआ। सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद बैंक से मकान बनाने के लिए ऋण लिया। मकान बन गए तो यह आदेश पारित हो गए। वह इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मिले थे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था। डीसी से मिले, उन्होंने एक महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में बड़ी मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि सोसायटी का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है। प्रभावित परिवारों को किस प्रकार से राहत प्रदान की जा सकती है, इसको देखा जाएगा।
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