Solan: एससी एवं एसटी विकास निगम के 27 ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

Edited By Kuldeep, Updated: 17 Nov, 2025 06:43 PM

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बघाट बैंक के बाद हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी एवं एसटी) विकास निगम के ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। निगम ने 27 ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। निगम के रिकवरी तहसीलदार की ओर से...

सोलन (पाल): बघाट बैंक के बाद हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी एवं एसटी) विकास निगम के ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। निगम ने 27 ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। निगम के रिकवरी तहसीलदार की ओर से यह वारंट जारी किए गए हैं। गिरफ्तारी वारंट को कार्रवाई के लिए डिफाल्टर के सम्बन्धित थाना को भेजा गया है। शिमला, सोलन व जिला सिरमौर के ऋण डिफाल्टर के खिलाफ ये गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं। इन ऋणधारकों ने निगम से 5 से 25 लाख रुपए का ऋण लिया था, लेकिन इसका भुगतान अभी तक नहीं किया है। कई ऋणधारक ऐसे भी हैं, जिन्होंने ऋण लेने के बाद एक भी रुपए निगम में जमा नहीं किया है। यही कारण है निगम ने अब ऐसे ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन ऋण डिफाल्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं उसमें सोलन 8, शिमला के 10, किन्नौर के 2 तथा जिला सिरमौर के 7 ऋण डिफाल्टर शामिल हैं। जिला किन्नौर व सिरमौर के ऋण डिफाल्टरों में कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने निगम ने करीब 25-25 लाख रुपए का ऋण लिया हुआ है।

यहां पर विदित रहे कि निगम के करीब 500 ऋण डिफाल्टर हैं, जिनके पास ऋण के करीब 9 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। इनमें से कई केस वर्ष 2000 से 2005 के बीच के भी है। निगम के रिकवरी तहसीलदार के पास इन सभी के खिलाफ रिकवरी का मामला चला हुआ है। इसमें से अधिकांश रिकवरी में सहयोग नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि निगम ने इन सभी को ऋण जमा करने के लिए नोटिस जारी किया है। कई ऋण डिफाल्टराें को 3 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जो ऋण डिफाल्टर 3 नोटिस मिलने के बावजूद ऋण का भुगतान नहीं कर रहें है उनके खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी किए गए हैं। निगम के राडार पर 70 ऋण डिफाल्टर हैं क्योंकि इन लोगों ने 5 से 25 लाख रुपए तक का ऋण लिया हुआ है। यदि निगम इस ऋण की रिकवरी करने में कामयाब हो जाता है तो निगम करीब 4 से 5 करोड़ तक रिकवरी कर लेगा। अभी इन 70 में से 27 के खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी हुए हैं, जबकि अन्य के खिलाफ नोटिस की प्रक्रिया चली हुई है।

हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंध निदेशक अजय कुमार यादव ने बताया कि निगम ने 27 ऋण डिफाल्टर के खिलाफ लैंड रैवेन्यू एक्ट 1954 की धारा 75 (ए) के तहत गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि 70 ऋण डिफाल्टरों ने निगम से 5 से 25 लाख रुपए का ऋण लिया हुआ है। निगम ने इन सभी को नोटिस जारी किए हैं। इसमें से 27 के खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं। यदि अन्य डिफाल्टर ऋण का भुगतान नहीं करते हैं तो इनके खिलाफ भी गिरफ्तारी के वारंट जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निगम के 500 डिफाल्टरों के पास ऋण के 9 करोड़ रुपए फंसे हैं। निगम ने रिकवरी तेज कर दी है।

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