Himachal: मंडी की 2 बेटियाें ने राेशन किया नाम, न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर बनीं सिविल जज

Edited By Vijay, Updated: 27 Sep, 2025 01:05 PM

2 daughters of mandi passed judicial service examination and became civil judge

मंडी जिले की 2 होनहार बेटियों ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए सिविल जज का पद हासिल किया है। दाेनाें बेटियाें ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे जिले का...

सुंदरनगर/जाेगिंद्रनगर (साेनी/लक्की): मंडी जिले की 2 होनहार बेटियों ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए सिविल जज का पद हासिल किया है। दाेनाें बेटियाें ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। दोनों की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

जानकारी के अनुसार सुंदरनगर उपमंडल की बरोटी ग्राम पंचायत के सोहर गांव निवासी राकेश कुमार की बेटी मीनाक्षी ठाकुर (26) ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। मीनाक्षी की प्रारंभिक शिक्षा डैहर के एक निजी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला का रुख किया, जहां से उन्होंने एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। कानून के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को और बढ़ाते हुए उन्होंने पटियाला स्थित प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह अपनी पीएचडी भी पूरी कर रही हैं। उनकी यह शैक्षिक यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मीनाक्षी ठाकुर की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल, प्रदेश भाजपा सचिव संजय ठाकुर और प्रदेश के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर ने मीनाक्षी और उनके परिवार को बधाई देते हुए इसे पूरे सुंदरनगर के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी की सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी प्रेरित करेगी।

वहीं, जिले के पधर उपमंडल की सिमरन ने भी न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सिमरन के पिता रविकांत मंडी जिला परिषद में डलाह (पधर) वार्ड से जिला परिषद सदस्य हैं। एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने के बावजूद सिमरन ने शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया और अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। सिमरन की इस सफलता पर उनके परिवार और पूरे पधर क्षेत्र में जश्न का माहौल है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!