हिमाचली टोपी के कायल हुए राष्ट्रपति, इतनी टोपियों का दिया Order

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Tuesday, September 26, 2017-10:43 AM

कुल्लू: हिमाचल देवभूमि होने के साथ-साथ अपनी कला-कृतियों आदि से भी जाना जाता है। हिमाचल में जहां पहाड़ी एक राजकीय बोली मानी जाती है तो वहीं हिमाचल की ऐसी चीज है जो कि पूरे देश में मशहूर है। जी हां, अमूमन 'कुल्लूवी टोपी' को हिमाचली को टोपी के नाम से जाना जाता है। खास बात यह है कि अब इस टोपी का सम्मान और बढ़ गया है, देश के सर्वोच्च पद पर बैठे महामहिम राष्ट्रपति के सिर पर हिमाचल का ताज सजा। इससे हिमाचल प्रदेश का मान सम्मान और ज्यादा बढ़ा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हिमाचली ताज से प्रसिद्ध कुल्लवी टोपी के कायल हो गए हैं और उन्होंने विशेष तौर पर कुल्लवी टोपी बनाने के लिए कुल्लू स्थित भुटि्टको से संपर्क किया। इतना ही नहीं उन्होंने इस टोपी की डिमांड भी की। 


भुटि्टको के कारीगर ने रामनाथ कोविंद को भेंट की कुल्लवी टोपी
भुटि्टको के कारीगर और प्रबंधकों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रामनाथ कोविंद को कुल्लवी टोपी भेंट की लेकिन कुल्लू से बनाकर लाई गई यह टोपी उनके साइज में फिट नहीं बैठ पाई। इस कारण भुटि्टको के प्रबंधक और कारीगर ने टोपी बनाने की मशीन, कैंची और अन्य साजो सामान भी कुल्लू से राजभवन पहुंचाया था लेकिन राजभवन में ये सामान सुरक्षा की दृष्टि से भले ही अंदर नहीं ले जाया गया। ऐसे में भुटि्टको के कारीगर नूप राम ने राष्ट्रपति के निजी दर्जी की मशीन में ही करीब 3 घंटे के अंदर महामहिम के नाप की टोपी तैयार की। 


तीन टोपियों का दिया आर्डर
भुट्टिको सोसायटी के महाप्रबंधक रमेश ठाकुर ने कहा कि जब उनके कारीगर नूप राम ने राष्ट्रपति भवन में कुल्लवी टोपी तैयार की तो राष्ट्रपति को ये टोपी खूब पसंद आई और वैसी ही उन्होंने तीन और टोपियों की डिमांड की। रमेश ठाकुर की मानें तो 28 सितंबर तक महामहिम राष्ट्रपति के आर्डर पर बनाई गई तीन टोपियों को दिल्ली राजभवन भेजी जाएगी।  

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