गर्व की बात: वैल्डिंग का काम करने वाले की बेटी बनी सेना में लैफ्टिनैंट, बचपन में देखा सपना किया साकार

Edited By Rahul Singh, Updated: 29 Aug, 2024 04:22 PM

welder s daughter becomes a lieutenant in the army

उपमंडल बैजनाथ की दूरदराज घाटी छोटा भंगाल के कोठी कोहड़ की बेटी एकता ठाकुर ने भारतीय सेना में बतौर लैफ्टिनेंट चयनित होकर यह साबित कर दिया है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पहाड़ की बेटियां हर वो मुकाम हासिल कर सकती हैं, जो शहरी सुविधा संपन्न शिक्षण...

बैजनाथ, (विकास बावा): उपमंडल बैजनाथ की दूरदराज घाटी छोटा भंगाल के कोठी कोहड़ की बेटी एकता ठाकुर ने भारतीय सेना में बतौर लैफ्टिनेंट चयनित होकर यह साबित कर दिया है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पहाड़ की बेटियां हर वो मुकाम हासिल कर सकती हैं, जो शहरी सुविधा संपन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़कर भी नहीं कर पाते हैं। एकता ठाकुर के पिता संजय कुमार वैल्डिंग का काम करते हैं और माता मंजू देवी गृहिणी हैं।

छोटा बंगाल घाटी में उस समय शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव था। इसलिए वे परिवार सहित बच्चों की बेहतर शिक्षा की खातिर बीड़ पलायन कर गए थे। एकता ने क्रिसेंट पब्लिक स्कूल बीड़ से 10वीं और भारतीय विद्यापीठ से जमा दो करने के बाद नर्सिंग की पढ़ाई चामुंडा इंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग से स्नातक की। इसी वर्ष जनवरी में उनका चयन भारतीय सेना के मैडीकल विंग में बतौर लैफ्टिनेंट हुआ और 16 सितम्बर को महाराष्ट्र के आर्मी अस्पताल पुणे में इस पद पर सेवाएं देंगी।

ऐसे बनी पहाड़ की बेटी सेना में अधिकारी

एकता ठाकुर ने बताया कि जब वह 5वीं कक्षा में पढ़ती थी तो बीड़-बिलिंग में पैराग्लाइडिंग के लिए आए आर्मी के जवानों को देखकर उनके बारे में जानकारी हासिल करनी चाही। मौसा सदा ठाकुर ने एकता को बताया कि ये फौजी हैं और देश की रक्षा इन्हीं जवानों द्वारा की जाती है।

उसी समय एकता ने ठान लिया था कि वह भी बड़ी होकर ऐसी ही वर्दी पहनेगी और देश की रक्षा करेगी। स्कूली पढ़ाई के दौरान वह अक्सर आर्मी से संबंधित पुस्तकें पढ़ा करती थी। बचपन में ठानी हुई बात आज हकीकत बन गई और पहाड की बेटी लैफ्टिनेंट बन गई।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!