Edited By Vijay, Updated: 19 Mar, 2026 07:22 PM

ऊना जिले के विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत ओयल में वीरवार सुबह से हो रही बारिश के बीच एक भीषण अग्निकांड सामने आया है। यहां दीपक टैंट हाऊस एवं कैटरिंग के गोदाम में अचानक भयंकर आग लग गई।
गगरेट (बृज): ऊना जिले के विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत ओयल में वीरवार सुबह से हो रही बारिश के बीच एक भीषण अग्निकांड सामने आया है। यहां दीपक टैंट हाऊस एवं कैटरिंग के गोदाम में अचानक भयंकर आग लग गई। इस हादसे में लाखों रुपए का सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार पीड़ित कारोबारी को करीब 20 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह करीब 10 बजे तक सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। तभी अचानक गोदाम से तेज धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते या बचाव का रास्ता निकालते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम के अंदर कपड़े के टैंट और अन्य ज्वलनशील सामान रखा होने के कारण आग बहुत तेजी से फैली और कुछ ही देर में सारा सामान जलकर राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की लपटें इतनी तेज थीं कि अत्यधिक ताप के कारण गोदाम की छत तक फट गई। बारिश होने के बावजूद आग पर काबू पाना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन तब तक सब कुछ तबाह हो चुका था।
बैंक से लोन लेकर संवार रहा था पिता का व्यवसाय, अब टूट गए सपने
आग की भेंट चढ़े टैंट हाऊस के मालिक अर्श चौधरी ने बताया कि यह उसके पिता का व्यवसाय है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए उसने हाल ही में बैंक से ऋण लिया था। लेकिन इस अचानक हुई आगजनी की घटना ने उनके सारे सपनों और मेहनत पर पानी फेर दिया।
शॉर्ट सर्किट होने का अंदेशा, पुलिस जांच में जुटी
अर्श चौधरी ने बताया कि आग लगने के असल कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रथम दृष्टया बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही गगरेट पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए आग लगने के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। इस अचानक हुई तबाही से ओयल पंचायत और गगरेट क्षेत्र के लोगों में भारी निराशा और दुख है। स्थानीय लोगों ने पीड़ित युवा कारोबारी के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन और प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग की है कि अर्श चौधरी को जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि कर्जे के बोझ तले दबा युवा कारोबारी अपने व्यवसाय को दोबारा खड़ा कर सके।
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