आखिरकार 55 वर्षों के बाद कर्म चंद को नसीब हुआ पक्का घर

Edited By Punjab Kesari, Updated: 26 Mar, 2018 10:47 PM

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आखिरकार 55 वर्ष के बाद कर्म चंद को न केवल रोशनी मिली, बल्कि पक्का घर भी उसे नसीब हुआ। अब वह बिना दरवाजे और लाइट के कच्चे घर में नहीं, बल्कि पक्के घर में पारिवारिक सदस्यों के साथ बेहतर जीवन व्यतीत करेगा।

ऊना : आखिरकार 55 वर्ष के बाद कर्म चंद को न केवल रोशनी मिली, बल्कि पक्का घर भी उसे नसीब हुआ। अब वह बिना दरवाजे और लाइट के कच्चे घर में नहीं, बल्कि पक्के घर में पारिवारिक सदस्यों के साथ बेहतर जीवन व्यतीत करेगा। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत भद्रकाली के गांव फतेहपुर के कर्म चंद की बदहाली का मामला 20 जनवरी को पंजाब केसरी ने प्रमुखता से उठाया था। अत्यंत निर्धन परिवार से संबंधित कर्म चंद एक ऐसे घर में रह रहा था, जिसका न तो दरवाजा था और न ही वहां लाइट थी। शायद इस क्षेत्र का यह पहला घर था, जिसमें बिजली का मीटर भी नहीं था। चूंकि उसके पास इसका बिल भरने की क्षमता नहीं थी, ऐसे में उसने अंधेरे में जीवन व्यतीत करना जारी रखा। पंजाब केसरी ने यह मामला उठाया तो न केवल सामाजिक संस्थाएं आगे आईं, बल्कि जिला प्रशासन भी संजीदा हुआ। डी.सी. विकास लाबरू ने व्यक्तिगत तौर पर बिजली का कनैक्शन उपलब्ध करवाने के लिए अपनी जेब से पैसे भरे। कर्म चंद का नाम सरकारी मकान मिलने की योजना में प्राथमिकता के आधार पर डाला तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उसे मिले, यह भी सुनिश्चित किया। 
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एन.आर.आई. राजेश शर्मा ने दिया था पक्का घर देने का वायदा 
विख्यात समाजसेवी एवं एन.आर.आई. राजेश शर्मा ने मामला ध्यान में आने के तुरंत बाद कर्म चंद को नया पक्का घर देने का वायदा किया। इन नवरात्रों में घर निर्मित कर कर्म चंद को दे दिया, ताकि वह अब कच्चे घर में नहीं, बल्कि पक्के घर में रहे। 3 कमरों से युक्त नए घर को पाकर कर्म चंद काफी प्रसन्न है। कर्म चंद का कहना है कि पंजाब केसरी उसके जीवन में नया प्रकाश लेकर आया है। एन.आर.आई. राजेश शर्मा द्वारा दिखाई गई नेकदिली की वह जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका पूरा परिवार इसके लिए स्व. अमरनाथ शर्मा के समाजसेवी पुत्र राजेश शर्मा के आभारी हैं। कर्म चंद अब कच्चे घर से पक्के मकान में शिफ्ट हुआ है तो उसके मन की खुशी को साफ देखा जा सकता है। 
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 सोचा नहीं था कि ऐसे दिन बदलेंगे
कर्म चंद की पत्नी विमला देवी का कहना है कि उसने कभी जीवन में सोचा भी नहीं था कि ऐसे दिन बदलेंगे। जब वह कच्चे स्लेटनुमा घर में बिना लाइट के रहते थे तो उन्हें अनुमान भी नहीं था कि कभी ऐसा पक्का घर नसीब होगा। बिना दरवाजे और बिना लाइट के कच्चे घर में व्यतीत किया गया कष्टमय जीवन अब उमंग में बदला है। उनके 2 बच्चे भी काफी प्रसन्नचित हैं। कर्म चंद का परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र एन.आर.आई. राजेश शर्मा की दरियादिली का मुरीद है, जिन्होंने इस गरीब व्यक्ति को पक्का घर मुहैया करवाया है। पूरी राशि उन्होंने अपनी तरफ से खर्च की है। 

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