Edited By Vijay, Updated: 18 Mar, 2026 07:44 PM

बद्दी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बद्दी के साई मार्ग स्थित एक मोबाइल फोन की दुकान पर दबिश देकर वहां से दुर्लभ प्रजाति के 2 कछुए बरामद किए हैं।
बीबीएन (ठाकुर): बद्दी क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बद्दी के साई मार्ग स्थित एक मोबाइल फोन की दुकान पर दबिश देकर वहां से दुर्लभ प्रजाति के 2 कछुए बरामद किए हैं। इन कछुओं को दुकान के अंदर अवैध रूप से छिपाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार वन विभाग को मोबाइल की दुकान में दुर्लभ कछुए रखे होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेंज फोरैस्ट ऑफिसर करतार नेगी के नेतृत्व में वन विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने साई मार्ग स्थित उक्त मोबाइल शॉप पर अचानक दबिश दी। जब दुकान की तलाशी ली गई, तो वहां से 2 कछुए बरामद हुए।
शैड्यूल-वन प्रजाति के हैं कछुए, 6-6 साल है उम्र
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए दोनों कछुए लगभग 6-6 साल के हैं। यह कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत 'शैड्यूल-वन' श्रेणी में आने वाली अत्यधिक संरक्षित प्रजाति के हैं। इस श्रेणी के किसी भी वन्यजीव को पालना, घर या दुकान में रखना, खरीदना या बेचना कानूनन एक बहुत ही गंभीर अपराध माना जाता है।
मेडिकल जांच में दोनों कछुए सुरक्षित
रेंज फोरैस्ट ऑफिसर करतार नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि बरामदगी के तुरंत बाद दोनों कछुओं का स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल) करवाया गया है और फिलहाल वे पूरी तरह से सुरक्षित एवं स्वस्थ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वन विभाग की टीम इन दुर्लभ जीवों के संरक्षण और बेहतर देखभाल के लिए निर्धारित विभागीय नियमों के अनुसार आगामी कदम उठाएगी।
तस्करी के नैटवर्क की हो रही जांच
इस कार्रवाई के बाद वन विभाग बद्दी की औपचारिक शिकायत पर स्थानीय पुलिस थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है कि मोबाइल की दुकान में ये दुर्लभ कछुए आखिर कहां से लाए गए थे, इन्हें यहां रखने का क्या मकसद था और इस अवैध धंधे या तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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