Edited By Jyoti M, Updated: 11 Jan, 2026 06:29 PM

उपयुक्त स्थल को लेकर इधर-उधर भटक रहे रेहड़ी-फड़ी धारकों को इस वर्ष स्थायी ठिकाना मिल जाएगा, जिससे वह अपनी आजीविका एक स्थान पर बेरोक टोक चला सकेंगे। नालागढ़ में लंबे समय से अपने लिए उपयुक्त स्थल का इंतजार कर रहे रेहड़ी-फड़ी धारकों को परिषद जगह मुहैया...
नालागढ़, (सतविन्द्र): उपयुक्त स्थल को लेकर इधर-उधर भटक रहे रेहड़ी-फड़ी धारकों को इस वर्ष स्थायी ठिकाना मिल जाएगा, जिससे वह अपनी आजीविका एक स्थान पर बेरोक टोक चला सकेंगे। नालागढ़ में लंबे समय से अपने लिए उपयुक्त स्थल का इंतजार कर रहे रेहड़ी-फड़ी धारकों को परिषद जगह मुहैया करवाने जा रही है। शहर के वार्ड नं 2 स्थित टैक्सी स्टैंड के समीप स्थल में शहर के रेहड़ी-फड़ी धारकों को बसाया जाएगा। इस प्रोजैक्ट पर परिषद द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके सहित अन्य स्थानों पर भी फोकस किया जा रहा है, ताकि सभी रेहड़ी-फड़ी धारकों को स्थापित किए जा सके।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1952 की नगर परिषद नालागढ़ ने शहर में चल रही रेहड़ियों व फड़ी धारकों को अब एक स्थल पर ही बसाने का निर्णय लिया है। परिषद इनके लिए जहां स्थल मुहैया करवाएगी, वहीं इनके एक स्थान पर चले जाने से शहर में अतिक्रमण से भी निजात मिलेगी। परिषद की योजना के अनुसार नालागढ़-रोपड़ मार्ग पर टैक्सी स्टैंड के सामने परिषद के खाली पड़े स्थल को इसके लिए चिन्हित किया गया है, जहां पर परिषद द्वारा इन्हें बसाया जाएगा।
बता दें कि रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए पहले बनी स्ट्रीट वैडिंग पॉलिसी-2009 को स्ट्रीट वैडिंग एक्ट-2014 बनाया गया है, जिसके तहत रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए सुविधा संपन्न खोखा मार्कीट तैयार की जानी है। खोखा मार्कीट बनने से जहां शहर में अतिक्रमण से निजात मिलेगी, वहीं शहर की सड़कें भी खुली नजर आएंगी। शहर में अनधिकृत तौर पर लगी रेहड़ी-फड़ी से जहां सड़कें संकरी हो गई हैं, वहीं रेहड़ी-फड़ी की भी भरमार हो गई है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि परिषद वार्ड नं 2 स्थित टैक्सी स्टैंड के सामने शहर के रेहड़ी-फड़ी धारकों को वैडिंग जोन के तहत बसाया जाएगा, जिससे जहां इन्हें उपयुक्त स्थान मिलेगा, वहीं शहर भी खुला नजर आएगा। इसके अलावा अन्य स्थान भी देखे जा रहे हैं, ताकि सभी रेहड़ी-फड़ी धारकों को स्थापित किया जा सके।