बद्दी के दवा उद्योग से 5 राज्यों में चल रहे नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़, मुख्य सरगना सहित 7 गिरफ्तार

Edited By Kuldeep, Updated: 12 May, 2024 11:38 AM

solan drug network busted

पंजाब पुलिस ने बद्दी के एक फार्मा उद्योग से 5 राज्यों में चल रहे नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सोलन (पाल): पंजाब पुलिस ने बद्दी के एक फार्मा उद्योग से 5 राज्यों में चल रहे नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पंजाब के नारकोटिक्स सैल अमृतसर की टीम ने बद्दी के इस दवा उद्योग में दबिश के दौरान 725.5 किलो नशीले ट्रामाडोल पाऊडर (जिससे करीब 1.5 करोड़ कैप्सूल बन सकते हैं) के साथ 47.32 किलोग्राम नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं जिन्हें टीम एक ट्रक में पंजाब में ले गई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दवा उद्योग ने एक वर्ष के अंदर 6500 किलोग्राम नशीला ट्रामाडोल पाऊडर खरीदा था। इससे स्पष्ट है कि नशीली दवाओं का उत्पादन बड़े स्तर पर हो रहा था। हैरानी की बात यह है कि राज्य दवा नियंत्रक विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। पंजाब में मामले का भंडाफोड़ होने के बाद राज्य दवा नियंत्रक विभाग ने दवा उद्योग को नोटिस जारी कर जांच के लिए एक कमेटी का भी गठन कर दिया है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पकड़ा गया यह गिरोह 5 राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश ओर महाराष्ट्र में नशीली दवाओं का नैटवर्क चला रहा था। बद्दी के इस दवा उद्योग से इन नशीली दवाइयों की खेप पांचों राज्यों में पहुंचाई जाती थी। इसमें फार्मा फैक्टरी के कर्मचारियों की भी भूमिका भी सामने आई है। गिरोह के कब्जे से पुलिस ने 70.42 लाख नशीली दवाइयां, 725 किलोग्राम ट्रामाडोल पाऊडर और 2.37 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद की है।

पहले भी 4.24 लाख नशीली दवाओं के साथ दबोचे थे 2 नशा तस्कर
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अमृतसर बॉर्डर रेंज के एसटीएफ ने बीते फरवरी माह में दो आरोपियों को 4.24 लाख नशीली गोलियों व एक लाख रुपए की ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान तरन तारन के सुखविंदर सिंह उर्फ धामी और अमृतसर के गोविंद नगर के जसप्रीत सिंह उर्फ जस्स के रूप में हुई थी। इन आरोपियों से पूछताछ व तहकीकात की गई तो इसका लिंक बद्दी के एक दवा उद्योग के साथ पाया गया। एसटीएफ ने मिले सबूतों के आधार पर पांच राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में जब इस गिरोह के बाकी सरगनाओं का पता लगाया तो कुल 7 आरोपियों को दबोचा गया।

उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया मुख्य सरगना
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पुलिस ने नशीली दवाओं के मुख्य सरगना को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि 2 नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के बाद एसपी एसटीएफ विशालजीत सिंह और डीएसपी एसटीएफ वविंदर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने इस रैकेट के मुख्य सरगना ऐलेक्स पालीवाल को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ट्रेस करके गिरफ्तार किया। मुख्य सरगना ऐलेक्स पालीवाल के पास से 9.04 लाख नशीली गोलियां व कैप्सूल के साथ 1.37 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद की। पुलिस ने ऐलेक्स पालीवाल से पूछताछ की तो उसने बद्दी के दवा उद्योग के बारे में बताया कि यह नशीली दवाइयों की खेप वहां से उठाई जाती थी। उन्होंने बताया कि इन नशीले पदार्थों की ट्रांसपोर्टेशन और वितरण संबंधित जांच करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी के अंतर्राज्यीय नैटवर्क की जांच करते हुए 4 अन्य तस्करों को दबोचा गया, जिनकी पहचान इंतजार सलमानी, प्रिंस सलमानी, बलजिन्दर सिंह और सूबा सिंह के तौर पर हुई है। पंजाब एस.टी.एफ. ने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुखदीप सिंह और रमनीक सिंह की मौजूदगी में पुलिस टीमों ने बद्दी स्थित दवा उद्योग की जांच की और रिकॉर्ड जब्त करने पर खुलासा हुआ कि केवल आठ महीनों में 20 करोड़ से अधिक एल्पराजोलम गोलियों का उत्पादन किया। रिकॉर्डों से महाराष्ट्र की एक फार्मा कंपनी को भी जाने वाली सप्लाई का पता लगा।

एनडीपीएस एक्ट ड्रग्ज एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट के दायरे मे आने वाली दवाओं के नियम सख्त
बद्दी के दवा उद्योग में पकड़ी गई दवाएं व कच्चा माल एनडीपीएस एक्ट ड्रग्ज एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट के तहत आता है। इसको लेकर नियम सख्त हैं। दवा के उत्पादन से लेकर इसकी रिटेल तक सबका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। कितनी गोलियां बनाई गई हैं, किस डिस्ट्रीब्यूटर को भेजी गई हैं, किस दवा की दुकान के साथ किस उपभोक्ता को यह दवा बेची गई है। उसका पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। जांच में पता चला है कि यह रिकार्ड भी ठीक नहीं पाया गया है।

उद्योग को नोटिस जारी और जांच कमेटी गठित : मनीष कपूर
उप दवा नियंत्रक बद्दी मनीष कपूर ने बताया कि नशीली दवाओं का मामला सामने आने के बाद सम्बन्धित उद्योग को नोटिस जारी किया गया है और इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है।

 

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