Sirmour: विजट व शिरगुल महाराज का मिलन, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Nov, 2025 11:15 PM

rajgarh visit shirgul maharaj meeting

देवठन एकादशी के अवसर पर परंपरा के अनुसार सराहां के विजट महाराज अपने बड़े भाई शिरगुल महाराज से मिलने क्षेत्र के सबसे ऊंची पर्वत माला पर स्थित अपने भाई की तपोस्थली चूड़धार पहुंचे।

राजगढ़: देवठन एकादशी के अवसर पर परंपरा के अनुसार सराहां के विजट महाराज अपने बड़े भाई शिरगुल महाराज से मिलने क्षेत्र के सबसे ऊंची पर्वत माला पर स्थित अपने भाई की तपोस्थली चूड़धार पहुंचे। इस देव मिलन के साक्षी बनने के लिए शिमला और सिरमौर जिले से हजारों श्रद्धालु चूड़धार पहुंचे। प्राचीन परंपरा के अनुसार, हर वर्ष देवठन के पावन अवसर पर विजट महाराज अपने बड़े भाई शिरगुल महाराज से मिलने चूड़धार पहुंचते हैं। इस दौरान विजट महाराज को विशेष शाही वेशभूषा में सजाया जाता है और शोभायात्रा के रूप में चूड़धार लाया जाता है। शनिवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विजट महाराज सराहां से चांदी के पारंपरिक वाद्य यंत्रों व भक्तों के साथ चूड़धार पहुंचे और शाही स्नान किया गया।

इसके उपरांत दोनों देवताओं का दिव्य मिलन हुआ। देव मिलन के बाद विजट महाराज वापस सराहां के लिए अपने भक्तों के साथ चल पड़े। वर्ष में देवठन वाले दिन ही दोनों भाईयों का मिलन वर्ष में एक बार होता है। चूड़ेश्वर सेवा समिति घुड़सवार के प्रबंधक बाबू राम शर्मा के अनुसार सराहां से लगभग डेढ़ से 2 हजार लोगों की जातर विजट महाराज के साथ आई थी। अब देव आज्ञा के अनुसार कल से चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से लगने वाला भंडारा भी बंद हो जाएगा।

 

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