Edited By Jyoti M, Updated: 30 Aug, 2025 01:32 PM

हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक 23 श्रद्धालुओं की दुखद मौत हो चुकी है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने शनिवार को एक और शव बरामद किया। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यह यात्रा काफी खतरनाक हो गई है,...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक 23 श्रद्धालुओं की दुखद मौत हो चुकी है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने शनिवार को एक और शव बरामद किया। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यह यात्रा काफी खतरनाक हो गई है, जिससे कई श्रद्धालुओं को जान गंवानी पड़ी है।
अचानक बढ़ी मुश्किलें
मणिमहेश यात्रा के दौरान तीन दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण हालात काफी बिगड़ गए थे। इस दौरान भूस्खलन की चपेट में आने से 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इससे पहले 11 अन्य लोगों की मौत हो चुकी थी, जिनमें से ज्यादातर की मौत सांस लेने में तकलीफ (श्वसन संबंधी समस्या) के कारण हुई। चम्बा के ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी होना एक सामान्य समस्या है, जिससे कई श्रद्धालु पीड़ित होते हैं।
एसडीआरएफ ने किया बचाव कार्य
एसडीआरएफ के एसपी अर्जित सेन ने बताया कि उनकी टीमों ने दुर्गम क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रखा है। कुगती परिक्रमा मार्ग पर एक टीम ने आठ लोगों को सफलतापूर्वक बचाया है। इसी अभियान के दौरान एक और व्यक्ति का शव भी मिला, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
पोर्टरों की मदद मांगी गई
ऊंचाई वाले इलाकों में राहत और बचाव सामग्री पहुंचाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए एसडीआरएफ ने स्थानीय पोर्टरों (सामान ढोने वालों) की मदद मांगी है। इन पोर्टरों की सहायता से उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री को उन जगहों तक पहुंचाया जा सकेगा, जहां तक वाहन नहीं पहुंच सकते।
गौरीकुंड में सुरक्षित हैं 32 लोग
एसडीआरएफ की एक टीम गौरीकुंड क्षेत्र में भी तैनात है, जहां लगभग 32 लोग सुरक्षित हैं। ये लोग मुख्य रूप से टेंट लगाने का काम करते हैं। टीम के पास सेटेलाइट फोन होने के कारण लगातार संपर्क बना हुआ है और सभी की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यात्रा करने से बचें।