Edited By Vijay, Updated: 03 Jan, 2026 03:11 PM

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में कुछ दिन पूर्व चम्बा-तीसा राेड पर 1 किलो 402 ग्राम चरस के साथ पकड़ी गई महिला के मामले में अब एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। इस मामले में आरोपी महिला के मायके पक्ष ने बेटी के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चम्बा: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में कुछ दिन पूर्व चम्बा-तीसा राेड पर 1 किलो 402 ग्राम चरस के साथ पकड़ी गई महिला के मामले में अब एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। इस मामले में आरोपी महिला के मायके पक्ष ने बेटी के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की मां और भाई ने चम्बा के उपायुक्त (डीसी) से मुलाकात कर दावा किया है कि उनकी बेटी निर्दोष है और उसे एक गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है।
ससुराल पक्ष पर साजिश रचने का आरोप
आरोपी महिला की मां और उसके भाई ने जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार महिला का पति अयूब, उसका बहनाेई और भाई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि आपसी रंजिश और निजी कारणों के चलते ससुराल पक्ष ने उनकी बेटी को नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराध में फंसाने का षड्यंत्र रचा है।
बेटी का नशे से कोई लेना-देना नहीं
डीसी को सौंपी गई शिकायत में परिजनों ने स्पष्ट किया है कि बेटी का नशे के कारोबार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मेरी बेटी को जानबूझकर बदनाम करने और हमारे परिवार को परेशान करने की नीयत से यह खेल खेला गया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि चरस को सोची-समझी योजना के तहत महिला की स्कूटी में रखवाया गया था, जिसकी भनक उसे नहीं थी।
निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मामले की तह तक जाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष और गहनता से जांच की जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने मांग की है कि साजिश रचने वाले असली गुनहगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और निर्दोष महिला को न्याय मिल सके।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
इस नए खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इन गंभीर आरोपों को जांच में कैसे शामिल करती है। क्या पुलिस इस एंगल से जांच करेगी कि महिला को मोहरा बनाया गया था? फिलहाल मायके पक्ष के आरोपों ने मामले को एक नई दिशा दे दी है।